चिकित्सकों की प्रमुख मांगें स्वीकार, समयबद्ध क्रियान्वयन का आश्वासन

रांची: झारखंड में चिकित्सकों के अधिकार, सम्मान, सेवा शर्तों और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर चल रहे संयुक्त चिकित्सक आंदोलन को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में आईएमए, झासा सहित विभिन्न चिकित्सक संगठनों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। मांगों के क्रियान्वयन के लिए समय-सीमा तय करने का भी आश्वासन दिया गया।
बैठक में चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से संबंधित कानून में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए अगले दो माह में प्रस्ताव मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मांगों के क्रियान्वयन को लेकर विभागीय स्तर पर समन्वय समिति गठित की जाएगी। अस्पतालों में न्यूनतम बिस्तरों की अनिवार्यता के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 30 और शहरी क्षेत्रों में 40 बेड की व्यवस्था पर सहमति बनी।
चिकित्सकों को समयबद्ध पदोन्नति देने के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के आधार पर व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसका लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और दोनों संवर्गों के विशेषज्ञों को देने का प्रस्ताव तैयार होगा। वित्त विभाग के साथ बैठक कर इस मामले का समाधान निकाला जाएगा।
चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए पूर्व की व्यवस्था बहाल करते हुए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्णय लिया गया। चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई।
इंटर्न, कनिष्ठ रेजिडेंट और वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रोत्साहन भुगतान में अनियमितता दूर कर व्यवस्था नियमित करने पर भी सहमति बनी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित टू-टियर व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
बैठक के बाद चिकित्सक संगठनों ने आंदोलन को मिली सफलता पर संतोष जताया। फिलहाल चिकित्सक हड़ताल पर नहीं जाएंगे। छठ पर्व के बाद विभाग और चिकित्सक संगठनों की फिर बैठक होगी, जिसमें अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

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