भोजपुर के लाल अगम को मिला भारत सेवा रत्न अवॉर्ड, शिक्षा व समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
पटना/आरा। “कौन कहता है कि आसमां में सुराग हो नहीं सकता!एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों”!भोजपुर जिले के आरा के लिए गर्व व सम्मान का क्षण!जी हां !जब आरा के बेटे अगम कुमार पाण्डेय को शिक्षा, साहित्य व समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सेवा रत्न अवॉर्ड- 2026 से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें वायएसएस फाउंडेशन द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी वायएसएस फाउंडेशन ने 15 अगस्त 2025 के अवसर पर उन्हें नई दिल्ली में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार- 2025 से सम्मानित किया था। एक ही संस्था द्वारा दो बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना! उनके कार्यों की निरंतरता, सामाजिक प्रभाव व उत्कृष्ट गुणवत्ता का जीता जागता उदाहरण है। भोजपुर जिले के आरा के रमना मैदान स्थित महावीर मंदिर के पुजारी स्वर्गीय गणेश पाण्डेय के सुपुत्र अगम कुमार पाण्डेय एक प्रख्यात शिक्षाविद व मार्गदर्शक हैं। वे वर्षों से शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। बल्कि साहित्य के माध्यम से भी सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों व राष्ट्रप्रेम को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया है।उनकी लेखनी में संवेदना, यथार्थ व प्रेरणा का सशक्त समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। अगम कुमार पाण्डेय का मानना है कि शिक्षा से विचारों का विकास होता है। वहीं साहित्य से संवेदनाओं का! जब दोनों का समन्वय होता है! तभी एक सशक्त, जागरूक व मूल्यनिष्ठ समाज का निर्माण संभव हो पाता है। यही दर्शन उनके शैक्षणिक, साहित्यिक व सामाजिक कार्यों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। सीमित संसाधनों से प्रारंभ हुई उनकी यह यात्रा आज राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना इस बात को सिद्ध करता है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन व सेवा-भावना के बल पर कोई भी व्यक्ति जिले से निकलकर देश का मान बढ़ा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल आरा व शाहाबाद ही नहीं !बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। इस सम्मान की खबर से जिले में हर्ष व उत्साह का वातावरण है।शिक्षाविदों, साहित्यकारों,पत्रकारों, वकीलों,सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, विद्यार्थियों व आम नागरिकों ने उन्हें बधाइयां देते हुए इसे “बिहार की बौद्धिक व सांस्कृतिक उपलब्धि” बताया है।क्षेत्रवासियों को विश्वास है कि अगम कुमार पाण्डेय भविष्य में भी शिक्षा, साहित्य व समाज सेवा के माध्यम से बिहार व देश का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते रहेंगे।



