झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा-भाजपा करे तो लीला,हम करे तो आप लोग सब जानते ही हैं..

रांची:झारखंड में सत्तापक्ष और राजभवन के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को प्रदेश झामुमो कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को प्रेस कांफ्रेंस करने की क्या जरूरत पड़ गई। मीडिया से कुछ स्पष्टीकरण भी मांगा।
उन्होंने कहा कि जब यह खबर अखबारों में आया तो मेरी उत्सुकता हुई मीडिया से मुखातिब होने की।
उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने गिरफ्तारी होने की स्थिति में अपना इस्तीफा देने की बात कही थी। वे अपने विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दिया। लेकिन उनके साथ राजभवन गए विधायकों को अंदर जाने नहीं दिया गया। पूर्व सीएम के साथ विधायक दल के नेता चंपाई सोरेन ने 43 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था और सरकार बनाने का दावा किया था। लेकिन राज्यपाल ने उस दिन कुछ स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया था।
झामुमो महासचिव ने राज्यपाल से इससे जुड़े कई सवाल करते हुए कहा कि राज्यपाल कौन दो विधायकों के संपर्क में थे।
जब 8:15 बजे इस्तीफा हुआ तो दूसरे दिन तो 10:30 बजे तक के इंतजार क्यों हुआ। दूसरा सवाल जब तक 12:15 बजे मुख्यमंत्री के तौर पर चौपाई दा नहीं रहे, उस वक्त राज्यपाल बताए कि इस राज्य का कार्यपालिका का प्रमुख कौन था। उस समय यदि किसी आपात स्थिति उत्पन्न होती तो उसके लिए जिम्मेवार कौन होता। आपने जब मंत्री मंडलगठन किया तो आपने कहा कि आप को विश्वास मत साबित करना होगा। इसका मतलब आपके मन में यह संशय था की सरकार अल्प मत में हैं। यदि सरकार अल्पमत में है तो सरकार के अभिभाषण को आपने विधानसभा में क्यों पढ़ा। आपने क्यों कहा कि यह मेरी सरकार है, जो उस समय तक बहुमत प्राप्त नहीं की थी। यह क्या संशय पैदा करता है। जब आपके दिए निर्देश के अनुसार 43 की जगह 49सदस्य हमारे साथ थे। तो राज्यपाल को 80 सदस्य के विधानसभा में क्या आपको कानूनी राय लेना पड़ा। दो तिहाई बहुमत सत्ता पक्ष के था। झामुमो महासचिव ने कहा कि हम लोगों ने बिहार का भी हवाला दिया था।
राज्यपाल की मंशा ठीक नहीं थी। राज्यपाल को बताना चाहिए की वो दो विधायक कौन थे जिसने आपको फोन किया था। राज्यपाल को निष्पक्ष रहना चाहिए।
भाजपा नेताओं के इशारे पर राजभवन चल रहा है।

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