रांची में कैंसर समिट में देश विदेश के डॉक्टरों ने लिया भाग, राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया उद्घाटन

आधुनिक पद्धति से कैंसर का हो रहा है इलाज,शुरुआत लक्षण में यदि इलाज शुरू हो जाए तो मरीज की बच सकती है जान

रांची: राजधानी रांची में शनिवार को रेडिशन ब्लू होटल में कैंसर समित का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया। इस समित में देश विदेश के डॉक्टरों ने भाग लिया और कैंसर के रोकथाम पर अपने विचार रखे। कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। साथ ही कैंसर के क्षेत्र मे हो रहे हो रहे आधुनिक चिकित्सा पर भी चर्चा हुई। इस सेमीनार मे इन बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। जिसमे मरीज के साथ साथ उनके केयर टेकर को भी काफी कठिनाइयों का भी सामना करना अड़ता है तो वो उस समय कैसे इस परिस्थितियों का सामना करें। टारगेट थेरेपी के द्वारा किस तरह मरीजों को अच्छी से अच्छी चिकित्सा मुहैया कराई जाए, न्यू मेडिसिन, टारगेट थेरेपी और किस तरह व्यक्तिगत जेनेटिक मेकअप पर डिपेंडेंट मेडिसिन से मरीजों पर भी चर्चा की गयी। इसमें 80 से अधिक चिकित्सक ने अपने अपने वक्तव्य के द्वारा कैंसर के नए चिकित्सा पद्धतियों पर अपना विचार व्यक्त किया। मौके पर मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि रांची में इस तरह का आयोजन बहुत अच्छा कदम है। झारखण्ड मे कैंसर की दिशा मे उपचार को लेकर समिट होना एक अच्छा कदम है। कैंसर के इलाज मे इलाज के साथ साथ मानवीय संवेदना भी जरुरी है। कैंसर जैसी घातक बीमारी को हराने के लिए इलाज के साथ-साथ जन जागरूकता और शुरुआती पहचान सबसे ज़रूरी है। राज्य सरकार और निजी संस्थानों को मिलकर लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचानी होंगी। यह समिट से कैंसर के नयी तकनिकों व पद्धतियों से मरीजों को काफी मदद मिलेगी।
इस समिट का उद्देश्य देश में कैंसर के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों पर भी प्रकाश डालना व प्रदेश में कैंसर के इलाज और रिसर्च को एक नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक पद्धति से कैंसर का इलाज पर इस समित में डॉक्टर जानकारी देंगे। लोगों को धूम्रपान से परहेज करना होगा।
वहीं स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि कैंसर का अब भारत में इलाज संभव है। कैंसर की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
वहीं डॉक्टर सतीश ने बताया कि यदि शुरुआती लक्षण में ही यदि इलाज शुरू हो जाता है तो मरीज की जान आहट प्रतिशत बच सकती है।
अमित के दूसरे सत्र में विदेश से भी कई डॉक्टरों का कैंसर रोग पर उद्बोधन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *