कहलगांव, सुल्तानगंज सीट पर ‘फ्रेंडली’ मुकाबला : कांग्रेस हुई क्लीन बोल्ड, वोटरों ने कहा- ‘ये मैच हम नहीं खेलेंगे!’

भागलपुर। जिले की कहलगांव और सुल्तानगंज विधानसभा सीटों पर महागठबंधन ने भले ही चुनाव को ‘फ्रेंडली मैच’ बताया हो, लेकिन मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए यह मैच किसी नेट प्रैक्टिस से भी बुरा साबित हुआ। जनता ने इतनी ‘फ्रेंडली’ बाउंसर फेंकी कि कांग्रेस के दोनों खिलाड़ी पिच पर टिक ही नहीं पाए।
कहलगांव से प्रवीण कुशवाहा और सुल्तानगंज से ललन दोनों उम्मीद से उतरे, पर नतीजे ने उम्मीद की ऐसी-तैसी कर दी। प्रवीण को 10,083 और ललन को सिर्फ 2,754 वोटों से मन बहलाना पड़ा। दोनों सीटों पर हालत ऐसी रही कि कांग्रेस के कैंडिडेट वोटों के स्कोरबोर्ड पर एपिसोडिक रोल में नज़र आए।
तेजस्वी का ‘आखिरी ओवर’ भी बेअसर
महागठबंधन की टीम ने आखिरी समय में तेजस्वी यादव से विशेष संदेश भिजवाकर माहौल बनाने की कोशिश की—मानो आखिरी ओवर में बड़ा छक्का चाहिए। लेकिन नतीजा? गेंद हवा में गई ही नहीं!प्रवीण कुशवाहा तो सीधे चौथे स्थान पर जा बैठे। यानी रेस तो दूर, फोटोफ्रेम में भी नहीं आए।
मतदाता बोले – हम जागरूक हैं, फ्रेंडली में भी आउट करेंगे! इस पूरे ‘फ्रेंडली ड्रामे’ में असली मज़ा तो जागरूक मतदाताओं ने लिया। उन्होंने साफ़ कर दिया कि ‘फ्रेंडली मैच हो या फाइनल – वोट हम काम पर देते हैं, कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं।’
कांग्रेस के घोषित चेहरों को जनता ने ऐसे नकारा जैसे कोई WhatsApp ग्रुप में भेजा गया पुराना मीम – एक नजर देखा, फिर डिलीट फॉर मी।
महा गठबंधन दोस्ती निभाता रह गया,कांग्रेस उम्मीदवार वोट तलाशते रह गए और मतदाता बिना किसी शोर-शराबे के अपना फैसला सुना गए।
फ्रेंडली इरादे थे पर नतीजों में फुल और फाइनल फजीहत ही दर्ज हुई।

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