विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा: शहर की मलिन बस्तियों सहित विभिन्न प्रखंडों में आयोजित हो रहे परिवार नियोजन शिविर
भागलपुर। विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 से 31 जुलाई) के अंतर्गत भागलपुर जिले के शहरी क्षेत्रों की मलिन बस्तियों और विभिन्न प्रखंडों में परिवार नियोजन विशेष सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला के सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने बताया कि सुल्तानगंज, कहलगांव, बिहपुर, नवगछिया सहित सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएचसी) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) जैसे—गंगानियां, तिलकपुर, रसीदपुर, मिश्रपुर, कुमैठा, करहरिया तथा हेल्थ सब सेंटर उधाडीह में मंगलवार को विशेष शिविर लगाए गए।
इन शिविरों में दो बच्चों के बीच आवश्यक अंतराल बनाए रखने के लिए आईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन जैसी आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही महिलाओं को सुरक्षित और प्रभावी परिवार नियोजन विधियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
तकनीकी सहयोग दे रहा है पीएसआई इंडिया :
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (DCM) भरत ने बताया कि पखवाड़ा के दौरान प्रत्येक मंगलवार को शहरी मलिन बस्तियों में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल में तकनीकी सहयोग पीएसआई इंडिया संस्था द्वारा प्रदान किया जा रहा है। संस्था की जिला प्रतिनिधि रितु तिवारी शिविरों के आयोजन और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सेवाओं की विस्तृत उपलब्धता :
परिवार नियोजन शिविरों में लाभार्थियों को अंतरा, छाया, कंडोम, ओरल पिल्स (OCP) जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही आईयूसीडी की लाइन लिस्टिंग कर उसे विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सबडर्मल इम्प्लांट, महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी जैसी स्थायी विधियों के लिए परामर्श और रेफरल सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान :
पीएसआई इंडिया की जिला प्रतिनिधि रितु तिवारी ने बताया कि इन शिविरों में प्रशिक्षित चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी सेवा दे रहे हैं। महिलाओं को न सिर्फ गर्भनिरोधक उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है, बल्कि उनकी अन्य स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान भी परामर्श के माध्यम से किया जा रहा है।
उद्देश्य: जनसंख्या नियंत्रण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूती :
इन शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण के साथ-साथ मातृ और शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है, ताकि स्वस्थ परिवार और समाज की दिशा में सार्थक कदम उठाया जा सके।



