संत प्रेमानंद महाराज के युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
रांची: उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगर वृंदावन से एक बेहद सनसनीखेज और रहस्यमयी मामला सामने आया है. यहां ख्यातिप्राप्त संत प्रेमानंद महाराज के युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. वाराहघाट क्षेत्र स्थित एक आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद संत जगत के साथ-साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन में भी हलचल मच गई है.
रिपोर्ट: प्रेम किशोर
जिला: रांची
प्रमंडल: रांची
रिपोर्ट: एप पर
बड़गाईं जमीन फर्जीवाड़ा मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए सीएम हेमंत सोरेन, 30 को अगली सुनवाई
रांची: राजधानी रांची के बड़गाईं अंचल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पीएमएलए की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार के कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। वहीं मुख्यमंत्री ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया।मामले में आरोप तय करने को लेकर अब अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम को लेकर सुनवाई होगी।
बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े इस मामले में जितने भी अभियुक्त हैं सभी का चार्ज फ्रेम हो चुका है। सीएम हेमंत सोरेन पर अबतक चार्ज फ्रेम नहीं हुआ है। चुकी उन्होंने हाईकोर्ट में अपील किया था। उसी के आलोक में आज यानी शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई रखा गया था। न्यायालय में उससे जुड़े संबधित कागजातों को ईडी ने जमा किया। वहीं सीएम की ओर से वकील ने कागजातों को स्टडी का समय मांगा है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील को सुनने के बाद अगली तिथि तय कर दिया है।
इस मामले में कई आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि कुछ आरोपियों की अदालत में पेशी हो चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस मामले में आरोपी हैं। उनके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर अदालत में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
इससे पहले मामले में निर्धारित सुनवाई तकनीकी कारणों से नहीं हो सकी थी। सर्वर डाउन रहने के कारण अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई थी। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान चार्ज फ्रेम के मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की गई।
गौरतलब है कि बड़गाईं जमीन मामले की जांच के दौरान ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कई महीने जेल में रहना पड़ा था। उस समय उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और चंपाई सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया था। बाद में जेल से बाहर आने के बाद हेमंत सोरेन ने दोबारा मुख्यमंत्री पद संभाला।
अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत चार्ज फ्रेम से जुड़े बिंदुओं पर सुनवाई करेगी। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


