मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने बापू वाटिका से लोक भवन तक किया मार्च
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस का मानेगा पर आंदोलन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में सोमवार को हजारों की संख्या में कांग्रेसी ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में जुटे। वहां पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मनरेगा बचाने के लिए सभी को शपथ दिलाई गई।
कांग्रेस कोटे से मंत्री और विधायकों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश प्रदर्शन किया। सभी कांग्रेस हाथ में तख्तियां लिए केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोक भवन की तरफ आगे बढ़े। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने बताया कि केंद्र सरकार मनमानी पर उतर आई है। गरीबों को काम देने वाला मनरेगा योजना का भी नाम बदलने से भी पीछे नहीं हट रही है। ये सरकार सिर्फ और सिर्फ नाम बदलने में माहिर है,इनको जनता के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है। गरीबों का अधिकार किसी भी हालत में कांग्रेस बीजेपी को छीनने नहीं देगी।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि बीजेपी सिर्फ राम के नाम पर राजनीति करती है। कांग्रेस राम को दिल से मानती है। उन्होंने कहा कि वो गांधी जी जिसने देश की आजादी में अपने निस्वार्थ भावना से लड़ाई लड़ी और आजादी दिलाई और ये बीजेपी के लोग जिनका समर्थन करते हैं गोडसे जब उन्होंने महात्मा गांधी को गोली मारी तो उनके आखिरी शब्द ही हे राम था। अगल बीजेपी को राम जी सम्मान ही देना था तो उनके नाम पर दूसरी योजना शुरू की जा सकती थी।
मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलने का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ नाम को राजनीति करती है। राज्य सरकार पर दबाव डालने के लिए योजना की रूप रेखा परिवर्तित की गई है।
वहीं सांसद कालीचरण मुंडा,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि राम जी के नाम पर बीजेपी अलग अलग माहौल क्रिएट कर रही है। देवी देवताओं का नाम r ये लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं जनता सब देख रही है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव,मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की,इरफान अंसारी,नमन विक्सल कोंगाड़ी,आलोक दूबे,गुंजन सिंह,रामा खालको सहित कई कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।



