सीएम हेमंत सोरेन ने तीर चलाकर रावण का किया वध किया, धू-धू कर जला रावण,कुभकर्ण और मेघनाथ  

गणादेश,रांची  राजधानी रांची में विजयादशमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मैदानों में रावण दहन के भव्य कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और राज्यवासियों को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री सोरेन सबसे पहले मोरहाबादी मैदान पहुँचे, जहाँ पंजाबी-हिंदू बिरादरी की ओर से दशहरा एवं रावण दहन का आयोजन किया गया था। विशाल पंडाल, रंग-बिरंगी झाँकियों और सजीव प्रस्तुतियों से सजे इस आयोजन में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों के दहन का दृश्य देखते ही बना। मुख्यमंत्री ने परंपरागत रीति-रिवाजों के तहत कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें यह संदेश देती है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः सत्य और न्याय की ही जीत होती है। हमें अपने जीवन में इस पर्व के संदेश को अपनाकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहिए।

इसके बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अरगोड़ा मैदान पहुँचे, जहाँ दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति द्वारा रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया था। यहाँ भी उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों जैसे क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और लोभ को त्यागने की सीख देता है। कार्यक्रमों में महिला, पुरुष और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, भजन, नृत्य और रंगमंचीय झाँकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रावण के पुतलों के दहन के साथ ही मैदान जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से गूंज उठा।

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम आयोजकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक शॉल और स्मृति चिह्न भेंट किया।

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