रामनवमी जुलूस में डीजे बजाने पर प्रतिबंध के खिलाफ बीजेपी विधायकों ने सदन के बाहर और अंदर किया प्रदर्शन,सत्तापक्ष ने यह न्यायालय का आदेश है
रांची : झारखंड में रामनवमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और परंपरा से जुड़ा उत्सव है। खासकर हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है, जहां कई दिनों तक जुलूस, अखाड़े और धार्मिक आयोजन होते हैं। लेकिन इस बार चलंत डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
रामनवमी में डीजे पर प्रतिबंध के फैसले को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा के बाहर विपक्ष की भूमिका निभा रही भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा विधायक रौशनलाल ने सरकार पर हिंदू त्योहारों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया और मांग की कि रामनवमी जुलूस में डीजे बजाने पर लगाया गया प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए।भाजपा विधायकों का कहना है कि जब भी हिंदू त्योहार आते हैं, सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करने लगती है। उनके अनुसार रामनवमी करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा पर्व है और उस पर इस तरह की पाबंदी हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सरकार केवल न्यायालय के आदेश का पालन कर रही है। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार रात 10 बजे के बाद डीजे या तेज ध्वनि वाले लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है, इसलिए प्रशासन उसी नियम का पालन करा रहा है। कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट किया कि इससे किसी भी तरह से हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह बेवजह हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाकर देश के सौहार्द और सामाजिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
विपक्ष का प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक सदन के अंदर भी विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। सदन में जोरदार नारेबाजी और हंगामे के बीच भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि अगर रामनवमी में डीजे ही नहीं बजेगा तो क्या हम धर्म परिवर्तन कर लें? आखिर हिंदुओं के त्योहारों पर ही इस तरह की पाबंदियां क्यों लगाई जाती हैं। जब भी हिंदू त्यौहार आते हैं तो ये सरकार हिंदुओं को प्रताड़ित करती है। हजारीबाग रामनवमी को लेकर वहां के हिंदुओं को प्रशासन धमकी देती है। डराती है।
वहीं सदन के अंदर सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि यह किसी धर्म या त्योहार का मामला नहीं है, बल्कि अदालत के आदेश का पालन है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे, लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि वाले म्यूजिक सिस्टम बजाने पर प्रतिबंध है और सरकार केवल उसी नियम का पालन कर रही है।
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विपक्ष हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।आज हिंदू नहीं हिंदुस्तान खतरे में है। गैस पेट्रोल का दाम बढ़ रहा है । अमेरिका के सामने केंद्र सरकार घुटने टेक रही है । देश में पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत बढ़ रहा है। यह देश हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सबका है।
रामनवमी जैसे आस्था के पर्व पर डीजे प्रतिबंध का मुद्दा अब धार्मिक भावना और राजनीतिक टकराव के बीच उलझ गया है। सड़क से लेकर सदन तक गूंज रहे नारों ने यह साफ कर दिया है कि यह विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है। अब देखना यह होगा कि सरकार नियमों और परंपराओं के बीच संतुलन कैसे बनाती है, ताकि आस्था का उत्सव भी कायम रहे और कानून की मर्यादा भी।



