बिहार कैबिनेट के 43 फैसलों पर मुहर, बिजली व्यवस्था से लेकर उद्योगों तक पर जोर
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक विस्तार, आधारभूत संरचना, रोजगार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी। वहीं, कृषि क्षेत्र में बीज भंडारण और जांच के लिए 11.82 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया। बिहार में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 12 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए किशनगंज में एग्रो केमिकल्स इकाई को प्रोत्साहन, गोपालगंज में बायो रिफाइनरी और वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा बिहार एमएसएमई नीति लागू करने, क्लस्टर विकास योजना में बदलाव और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद की नियमावली को भी स्वीकृति मिली।
राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अंडरग्राउंड सड़क निर्माण की संभावनाओं के सर्वे का प्रस्ताव भी शामिल है। तकनीकी विद्यार्थियों को छात्रावास शुल्क के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई में 143 पदों पर बहाली और तीन जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। बैठक में फॉरेंसिक लैब को गृह विभाग के अधीन रखने सहित अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। सरकार ने इन फैसलों के माध्यम से विकास कार्यों में तेजी लाने का लक्ष्य रखा है।


