ऐतिहासिक मुड़मा जतरा संपन्न, आदिवासी परंपरा और संस्कृति की दिखी झलक
मांडर: ऐतिहासिक राजकीय 40 पड़हा मुड़मा जतरा बुधवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, कृषि मंत्री सह मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव और सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा बतौर अतिथि शामिल हुए। इस दौरान आदिवासी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया।
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि मुड़मा जतरा आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों और पूर्वजों की परंपराओं से जोड़ते हैं। उन्होंने आदिवासी संस्कृति, भाषा और पहचान को संरक्षित रखने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मुड़मा जतरा झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व आदिवासी समाज की एकता, भाईचारे और परंपराओं को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना जरूरी है।
समापन समारोह में जतरा की परंपरा, धार्मिक मान्यताओं और आदिवासी संस्कृति को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराया गया।


