झारखंड में एमबीबीएस सीटें बढ़कर 1650 हुईं, डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर
रांची: झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और डॉक्टरों की कमी दूर करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के बीच करीब चार घंटे तक चली बैठक में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी चुनौती बनी हुई है। इसे दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जरूरी है।
विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 में झारखंड में एमबीबीएस की कुल 580 सीटें थीं, जो 2026-27 में बढ़कर 1650 हो गई हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिम्स, रांची की सीटें 180 से बढ़कर 250, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद की 50 से बढ़कर 100 और एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर की सीटें 50 से बढ़कर 150 हो गई हैं। वहीं, दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें उपलब्ध हैं।
निजी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले दो वर्षों में राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सीटें बढ़ाने के साथ मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता, अस्पतालों का आधारभूत ढांचा, आधुनिक उपकरण और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य अधिक डॉक्टर तैयार करने के साथ राज्य के लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।


