भागलपुर में प्रशांत किशोर ने फूंका कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव का बिगुल, सरकार से लेकर चुनाव आयोग तक पर उठाए सवाल
भागलपुर। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जन सुराज ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भागलपुर में आयोजित बैठक में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पार्टी प्रत्याशी डॉ. रजनीश रंजन के नामांकन की घोषणा की। डॉ. रंजन 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पूर्णिया में नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन कार्यक्रम में प्रशांत किशोर के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। जन सुराज ने 20 सितंबर को कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को अपना प्रत्याशी घोषित किया था।
मंगलवार को भागलपुर के मंगल उत्सव विवाह भवन में आयोजित बैठक में भागलपुर, कोसी और पूर्णिया प्रमंडल के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में चुनावी रणनीति, स्नातक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने, बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और नामांकन कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर चर्चा हुई।
नामांकन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश करने की तैयारी
बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि डॉ. रजनीश रंजन के नामांकन से कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में बदलाव की शुरुआत होगी। उन्होंने स्वयं नामांकन में शामिल होने की बात कही और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पूर्णिया पहुंचने की अपील की।
जन सुराज की ओर से नामांकन कार्यक्रम को बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में पेश किया जा रहा है। पार्टी का जोर स्नातक मतदाताओं तक सीधे पहुंचने और शिक्षा, रोजगार तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को चुनावी विमर्श के केंद्र में रखने पर है।
रजनीश बोले—युवाओं पर लाठी चली तो पहले मेरे शरीर पर चलेगी
बैठक में डॉ. रजनीश रंजन ने युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्ष 2000 के आसपास जन्मे युवाओं को नौकरी और रोजगार के लिए सड़कों पर लाठी खाने की स्थिति में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं पर लाठी चलती है तो छात्रों के बजाय पहले उनके शरीर पर चलेगी। रजनीश रंजन ने कहा कि युवाओं की लड़ाई सड़क पर संघर्ष के बजाय सदन में तर्क और आवाज के माध्यम से लड़ने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक एमएलसी चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह तय करने का अवसर है कि स्नातकों और युवाओं की समस्याओं को विधान परिषद में कौन उठाएगा।
एमएलसी फंड को लेकर उठाया सवाल
डॉ. रजनीश रंजन ने मौजूदा स्नातक एमएलसी के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एमएलसी फंड का इस्तेमाल शिक्षा और शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करने में अधिक होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण स्थानीय निकायों और अन्य जनप्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र में आता है तो स्नातक एमएलसी की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए। रजनीश ने लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के केंद्र, ई-लाइब्रेरी और युवाओं के लिए शैक्षणिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
हालिया रिपोर्टों में भी रजनीश रंजन की ओर से प्रमंडलीय, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर पुस्तकालय तथा ई-लाइब्रेरी को मजबूत करने जैसे मुद्दे उठाए जाने का उल्लेख है।
विक्रमशिला और टीएनबी के जरिए शिक्षा की विरासत का मुद्दा
रजनीश रंजन ने भागलपुर की शैक्षणिक पहचान को भी अपने अभियान से जोड़ा। उन्होंने विक्रमशिला विश्वविद्यालय और टीएनबी कॉलेज का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र की पहचान शिक्षा की समृद्ध परंपरा से रही है, वहां के स्नातकों को शिक्षा और रोजगार के सवालों पर अपने प्रतिनिधि से जवाब मांगना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्नातक मतदाताओं को उम्मीदवार के काम, सोच और मुद्दों के आधार पर अपना निर्णय लेना चाहिए।
अपराध और बाढ़ के मुद्दे पर सरकार को घेरा
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर अपराध, बेरोजगारी और बाढ़ समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने हाल की आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए।
बिहार में इस वर्ष बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के हवाले से 23 सितंबर तक 15 जिलों में 50.49 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
प्रशांत किशोर ने बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत के लिए दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने केवल राहत सामग्री वितरण या प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को पर्याप्त नहीं बताते हुए स्थायी समाधान की मांग की।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची, चुनाव की तारीख, आचार संहिता, चुनाव में धनबल और मतगणना जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि केवल किसी एक अधिकारी को बदलने से व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होगा, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान की अपील
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से जाति, धर्म, डर या प्रभाव के आधार पर मतदान करने के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता जिस आधार पर अपना वोट तय करेंगे, उसी के अनुरूप उन्हें शासन भी मिलेगा।
उन्होंने युवाओं और स्नातक मतदाताओं से अपने तथा अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मतदान करने की अपील की।
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज ने रजनीश रंजन को प्रत्याशी बनाया है। आगामी चुनाव को लेकर पार्टी की गतिविधियां अब नामांकन के साथ और तेज होने की तैयारी में हैं।


