एकेडमिक प्रोडक्टिविटी के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण

रांची : संतोष कॉलेज ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग एंड एजुकेशन के आईक्यूएसी सेल द्वारा आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन टीचिंग और एकेडमिक प्रोडक्टिविटी के लिए चैटजीपीटी एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग विषय पर फैकल्टी मेंबर्स को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया तथा विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया गया।
विषय प्रवेश एवं स्वागत अभिभाषण महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शुभ्रा ठाकुर ने दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए एआई टूल्स की कार्यप्रणाली को समझना तथा उनका उद्देश्यपूर्ण उपयोग करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अभिजीत दत्ता रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में चैटजीपीटी की कार्यप्रणाली, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की अवधारणा तथा अकादमिक एवं शिक्षण कार्यों में इसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने के लिए स्पष्ट निर्देश, संदर्भ, अपेक्षित भूमिका, कार्य का उद्देश्य, आवश्यक प्रारूप तथा अपेक्षित परिणाम को स्पष्ट रूप से निर्धारित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों को साधारण प्रॉम्प्ट की तुलना में अधिक स्पष्ट एवं संरचित प्रॉम्प्ट तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया।
सत्र के दौरान पाठ योजना निर्माण, शिक्षण सामग्री तैयार करने, प्रश्न निर्माण, क्विज एवं मूल्यांकन सामग्री विकसित करने, विषयवार अध्ययन सामग्री तैयार करने, अकादमिक लेखन, शोध कार्य में विचारों के संगठन, प्रस्तुतीकरण की तैयारी तथा समय प्रबंधन में चैटजीपीटी के संभावित उपयोग पर चर्चा की गई।
प्रो. दत्ता ने एआई से प्राप्त जानकारी की तथ्य-जांच, संदर्भों की पुष्टि, मौलिकता, अकादमिक ईमानदारी एवं जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चैटजीपीटी शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि शिक्षण एवं अकादमिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने वाला एक सहायक डिजिटल टूल है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं विभिन्न प्रॉम्प्ट तैयार किए और उनके माध्यम से शिक्षण एवं अकादमिक कार्यों से संबंधित परिणाम प्राप्त करने का अभ्यास किया। इस व्यावहारिक गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रॉम्प्ट को संशोधित एवं परिष्कृत करके बेहतर परिणाम प्राप्त करने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
सत्र के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में फैकल्टी मेंबर्स ने चैटजीपीटी, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, अकादमिक लेखन एवं एआई के शैक्षिक उपयोग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा समाधान किया गया।
सेंटर फॉर बायोइनफॉर्मेटिक्स पॉलिटेक्निक कॉलेज के आईटी एक्सपर्ट कुंदन कुमार ने चैटजीपीटी एवं कैनवा के प्रभावी उपयोग के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।*
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के फैकल्टी मेंबर्स एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।

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