फैटी लिवर की समय पर पहचान और उपचार के लिए विकसित होगा ‘रांची मॉडल’: संजय सेठ

रांची : फैटी लिवर की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार के लिए झारखंड में ‘रांची मॉडल’ विकसित किया जाएगा। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने बुधवार को सदर अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ के संकल्प से प्रेरित होकर यह पहल शुरू की जा रही है। संजय सेठ ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया।

अभियान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके सरीन के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल रांची और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के सहयोग से संचालित होगा। अभियान के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार दो अत्याधुनिक मोबाइल चिकित्सा वाहन रांची पहुंच चुके हैं। इन वाहनों के माध्यम से लोगों की जांच, फैटी लिवर के जोखिम की पहचान और चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

‘रांची मॉडल’ के तहत गांव से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों तक चार स्तरीय व्यवस्था विकसित की जाएगी। आशा और एएनएम के माध्यम से प्रारंभिक जांच होगी। एबीसीडी जोखिम स्कोर के जरिए उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर जीवनशैली और पोषण संबंधी परामर्श दिया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में फाइब्रोस्कैन, उपचार और फॉलोअप की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

परियोजना के तहत 1.20 लाख लोगों की जांच, 25 हजार उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान और करीब 20 हजार फैटी लिवर मामलों के प्रारंभिक निदान का लक्ष्य रखा गया है। 18 प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय क्लीनिक, 1000 स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और 500 स्थानों तक मोबाइल वैन पहुंचाने की योजना है।

युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में ‘स्माइल्स’ और ‘वाई-स्माइल्स’ के माध्यम से करीब एक लाख विद्यार्थियों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. विमलेश सिंह और डीपीएम प्रवीण सिंह मौजूद थे।

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