बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में गांधी विचार की अनदेखी पर उठे सवाल, सत्याग्रह की चेतावनी

प्रदीप विद्रोही ,भागलपुर। बिहार में प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर नए राजकीय डिग्री कॉलेजों की स्थापना कर उच्च शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। इन महाविद्यालयों में कई नए विषयों में पढ़ाई शुरू होने को शिक्षा जगत ने सकारात्मक पहल बताया है। हालांकि, गांधी विचार विषय को नए कॉलेजों में शामिल नहीं किए जाने को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

गांधी विचार मंच एवं विभिन्न शिक्षाविदों का कहना है कि सरकार ने नए राजकीय महाविद्यालयों में गांधी विचार विभाग की स्थापना और शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कोई पहल नहीं की है। उनका तर्क है कि पूर्व में राज्य सरकार और विश्वविद्यालयों की ओर से महाविद्यालयों में गांधी विचार की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन नई संस्थाओं में इस विषय की अनदेखी की गई है।

गांधी विचार मंच एवं अंग जन गण के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर मंडल, वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत, वरिष्ठ समाजसेवी सुबोध मंडल तथा गांधी विचार विभाग से जुड़े छात्र-शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि नए राजकीय महाविद्यालयों में गांधी विचार विषय शुरू किया जाए और शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जल्द नियमावली जारी की जाए।

उनका कहना है कि गांधी विचार केवल एक अकादमिक विषय नहीं, बल्कि मानव मूल्यों, अहिंसा, सामाजिक समरसता और रचनात्मक समाज निर्माण की आधारशिला है। इसलिए इसे उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में उचित स्थान मिलना चाहिए।

गांधी विचार मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो गांधी विचार से जुड़े लोग पूरे बिहार में सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे।

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