मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा की, लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान विभाग द्वारा किए गए कार्यों तथा निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज एवं पुल-पुलिया परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कार्यों में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
उन्होंने सभी परियोजनाओं का अद्यतन डेटाबेस तैयार करने और जियो-टैगिंग अनिवार्य करने का निर्देश दिया, ताकि प्रत्येक परियोजना की लागत, प्रगति और समय-सीमा की प्रभावी निगरानी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और मीडिया में मिल रही खराब सड़कों, गड्ढों, जलजमाव तथा निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से वर्षा ऋतु में गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण पर जोर दिया।
हेमन्त सोरेन ने राजधानी रांची सहित राज्य की सभी लंबित सड़क, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रमुख परियोजनाओं को अगले दो माह के भीतर पूरा किया जाए। समय-सीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


