उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद एवं जिला खेल संचालन समिति की हुई बैठक ㅤ

खूंटी : समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मो० जावेद हुसैन की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद एवं जिला खेल संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद की बैठक में जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिसूचित पर्यटन स्थलों के विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा निर्माणाधीन योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उलिहातू, पंचघाघ, पांडु पुडिंग, पेरवाघाघ, अमरेश्वर धाम, लतरातू डैम समेत अन्य अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही जिले में नए पर्यटन स्थलों को अधिसूचित कर विकसित किए जाने के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस क्रम में सोनमेर मंदिर, बकसपुर घाट, चंचलाघाट जलप्रपात, टोंगरी पहाड़ समेत अन्य संभावित स्थलों को अधिसूचित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में चर्चा की गई एवं अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में ट्रेकिंग मार्गों के विकास, चयनित पर्यटन स्थलों पर जीप लाइन (Zip Line) जैसी पर्यटन गतिविधियों के विकास तथा आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू में आयोजित होने वाले राजकीय मेला की पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावित कार्यों एवं आयोजनों की तैयारी समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में पर्यटन को नई गति मिल सके।ㅤ

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था, पार्किंग, पहुंच पथ, प्रकाश व्यवस्था, साइनेज, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खूंटी प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध जिला है तथा पर्यटन की अपार संभावनाओं का बेहतर उपयोग स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिले की पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

बैठक में निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके उपरांत उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला खेल संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में हॉकी एवं फुटबॉल स्टेडियम में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों की समीक्षा की गई तथा आवश्यकता के अनुरूप अन्य स्टेडियमों के जीर्णोद्धार पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्रों के बेहतर संचालन, खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक भोजन, खेल सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन, इंडोर स्टेडियम का बेहतर एवं अधिकतम सदुपयोग, प्रस्तावित स्पोर्ट्स क्लब कैंपस के विकास, हॉकी एवं फुटबॉल के साथ-साथ वॉलीबॉल, आर्चरी, क्रिकेट, शूटिंग रेंज सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने मुरहू एवं तोरपा में स्टेडियम की भूमि चिन्हित कर उसे चरणबद्ध तरीके से विकसित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें बेहतर आधारभूत सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं खिलाड़ियों के सर्वांगीण हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार प्रकाश, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार यादव, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि, जिला कल्याण पदाधिकारी-सह-प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्री प्रमोद राम, जिला पर्यटन एवं खेल पदाधिकारी, संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता तथा जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद एवं जिला खेल संचालन समिति के अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे। ㅤ

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