हजारीबाग विस्फोट में सनसनीखेज खुलासा, साधारण बम नहीं बल्कि मोटार बम का हुआ था इस्तेमाल, जांच अब केंद्रीय एजेंसी के हवाले
रांची: हजारीबाग के बड़ा बाजार स्थित हबीब नगर में हुए भीषण विस्फोट मामले में जांच के दौरान बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रारंभिक आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए अब यह साफ हो गया है कि झाड़ियों में हुआ धमाका किसी साधारण बम से नहीं, बल्कि मोटार बम के जरिए किया गया था। घटनास्थल से मोटार के अवशेष बरामद किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि विस्फोट की प्रकृति कहीं अधिक खतरनाक और सुनियोजित थी।
इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसका इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है। विस्फोट की भयावहता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए अब इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय स्तर की केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
सीसीआर के डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि धमाके में मोटार बम का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई अहम तथ्य और स्पष्ट होंगे, लेकिन घटनास्थल से मिले अवशेष इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि गंभीर साजिश का हिस्सा हो सकता है। इसी वजह से अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जा रहा है।
गौरतलब है कि 14 जनवरी की शाम हजारीबाग के हबीब नगर इलाके में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट इतना तीव्र था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सहम गए। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी थी। घटनास्थल पर ही तीन लोगों की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में भी इसी हबीब नगर क्षेत्र में विस्फोट की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में बार-बार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय हालात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोटार बम किसने, किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में लगाया था। आने वाले दिनों में केंद्रीय एजेंसी की जांच से इस रहस्यमय और भयावह घटना से जुड़े कई राज खुलने की उम्मीद है।



