कहलगांव अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा को नई ताकत: जल्द खुलेगा आधुनिक ‘वन स्टॉप सेंटर’
भागलपुर। जिले की महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और त्वरित सहायता देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मिशन शक्ति (WCDC), बिहार के तहत भागलपुर में दूसरा वन स्टॉप सेंटर (OSC) कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल में स्थापित होने की तैयारी है। यह केंद्र खास तौर पर उन महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा, जो सार्वजनिक या निजी स्थानों पर हिंसा, शोषण अथवा किसी भी प्रकार की संकट की स्थिति का सामना करती हैं।
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) में पहले से चल रहे OSC की तर्ज पर कहलगांव का नया केंद्र जिले के पूर्वी इलाके की ग्रामीण व अर्ध-शहरी महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय सेवा, कानूनी मार्गदर्शन, पुलिस सहायता, अस्थायी आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह कदम उन महिलाओं के लिए राहत बनकर आएगा, जिन्हें पहले भागलपुर शहर तक आना पड़ता था।
ICDS की जिला इकाई, WCDC, प्रखंड विकास कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग तथा जेंडर विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने कहलगांव प्रखंड और अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर OSC के लिए उपयुक्त जगह चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ICDS जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनुपमा कुमारी ने बताया कि बढ़ते मामलों और जरूरतों को देखते हुए दूसरा OSC अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा –
‘हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे बहुआयामी सहायता मिलेगी। यही OSC का मुख्य उद्देश्य है।’
OSC, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसके तहत संकटग्रस्त महिलाओं को चिकित्सा सहायता से लेकर कानूनी सलाह, मनोसामाजिक परामर्श, अस्थायी ठहराव और सभी तरह की आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
WCDC के जिला मिशन समन्वयक तबरेज़ खान ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार OSC का अस्पताल के भीतर या 2 किलोमीटर की परिधि में होना आवश्यक है। इसके लिए 132 वर्गमीटर कार्पेट क्षेत्र या 300 वर्गमीटर भूमि की जरूरत पड़ती है।
IPRD के संयुक्त निदेशक नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि कहलगांव में OSC खुलने से कई महिलाओं को समय पर सहायता मिल सकेगी। उन्होंने बताया –
‘आपातकालीन प्रतिक्रिया, बचाव तथा कानूनी – चिकित्सीय – मानसिक सहयोग एक साथ उपलब्ध हो सकेगा। अब तक देशभर में 12,20,589 महिलाएं OSC के माध्यम से सहायता प्राप्त कर चुकी हैं।’
हिंसा पीड़ित महिलाओं को त्वरित मेडिकल सहायत, कानूनी प्रक्रिया में मदद, थाने और पुलिस से समन्वय, सुरक्षित अस्थायी आवास,मनोसामाजिक परामर्श, ग्रामीण/अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाओं को नज़दीक सुविधा जैसी आवश्यक सुविधाएं यहां उपलब्ध रहेगी।



