मनुष्य की संवेदना और मौलिकता की बराबरी कोई तकनीक नहीं कर सकती: डॉ. विनय भरत

गणादेश,रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा “आरम्भ 4.0 फ्रेशर्स कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भरत ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को साहित्य के साथ मानवता, नैतिक मूल्यों और लेखन-पुनर्लेखन की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एंड्रॉयड और एआई के युग में प्रतिस्पर्धा कठोर है, परंतु मनुष्य की संवेदना और मौलिकता की बराबरी कोई तकनीक नहीं कर सकती।

बीए. 2025–2029 और एम.ए. 2025–2027 बैच के विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत अनिश वंदना एक्का के प्रार्थना गीत से हुई। पीयूष रानी, राशि, सलोमी, शिल्पा, अंजली और रानी काजल की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत कर दिया। स्तुति जैन ने अंग्रेज़ी कविता का प्रभावशाली पाठ किया, जबकि नेहा कुमारी और जसमनी की शायरी ने कार्यक्रम में साहित्यिक गरिमा जोड़ी।

मंच संचालन अजीत आर्या और प्रीति ने प्रभावी ढंग से संभाला। शिक्षक कर्मा कुमार, दिव्या प्रिया और मो. दिलशाद तथा स्टाफ सदस्य संदीप की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में रंग भरा। फ्रेशर प्रतियोगिता में पुलकित मि. फ्रेसर यूजी, मिस. फ्रेसर मे कुमकुम यूजी, सुमंत कुमार  मि. फ्रेसर पीजी, और सृष्टि कुमारी मिस.फ्रेसर पीजी चुने गए। कार्यक्रम की सफलता में स्वयंसेवकों ग्लैड केरकेट्टा, मोनू कुमार, त्रिशा, तनक गुप्ता, एलेक्स बरला और ललिता का योगदान सराहनीय रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *