पंचायत प्रतिनिधियों ने 8 सूत्री मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया

गणादेश,रांची: झारखंड प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संघ ने राज्य सरकार से अपनी आठ सूत्री मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। गुरुवार को राजभवन के समक्ष पंचायत संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मांग पत्र राज्यपाल को सौंपा है।

संघ के अध्यक्ष सोमा उरांव ने कहा है कि पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। पंचायत जनप्रतिनिधियों की आकस्मिक मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में 30 लाख रुपये का बीमा या मुआवजा देने और सेवा समाप्ति के बाद विधायकों की तरह पेंशन की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही, केरल और बिहार की तर्ज पर त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों को मासिक मानदेय देने की अपील की गई है। पंचायतों को टाइड और अनटाइड फंड की राशि जरूरत के अनुसार खर्च करने एवं चेक द्वारा भुगतान का अधिकार दिए जाने की बात कही गई है।

संघ ने बिना जांच के जनप्रतिनिधियों की वित्तीय शक्तियाँ जब्त करने पर रोक लगाने और जिनकी शक्तियाँ निलंबित की गई हैं, उन्हें बहाल करने की मांग की है। इसके अलावा, आत्मरक्षा के लिए अंगरक्षक एवं शस्त्र लाइसेंस देने की भी बात उठाई गई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि डीएमएफटी फंड का उपयोग पंचायती राज व्यवस्था के अनुरूप किया जाए तथा जनप्रतिनिधियों को 14 विभागों और 29 विषयों में पूर्ण अधिकार दिए जाएं। साथ ही, सांसद और विधायक मद की तरह राज्य वित्त आयोग के माध्यम से त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों को निजी मद उपलब्ध कराया जाए।

संघ ने वर्ष 2024-25 में स्वीकृत अबुआ आवास के लाभुकों को शीघ्र भुगतान करने और प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने की भी मांग की है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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