गंगा नदी के तीव्र कटाव से ममलखा ग्राम पर संकट, जल संसाधन विभाग ने युद्धस्तर पर शुरू कराया सुरक्षा कार्य

भागलपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तीव्र धाराओं ने भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ममलखा ग्राम के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। नदी के दायें तट पर हो रहे तीव्र कटाव के चलते गांव के कई हिस्सों पर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जल संसाधन विभाग ने आपात स्तर पर कार्रवाई करते हुए बाढ़ सुरक्षा और कटाव नियंत्रण कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

जलस्तर में वृद्धि, खतरे के करीब पहुंचा गंगा का प्रवाह :
गुरुवार सुबह 6:00 बजे भागलपुर गेज स्थल पर गंगा नदी का जलस्तर 33.38 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से केवल 0.30 मीटर नीचे है। हालांकि फिलहाल खतरे की सीमा पार नहीं हुई है, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है, जो आने वाले दिनों में स्थिति को और गंभीर बना सकती है।

तेज धाराओं से कटाव में तेजी, गांव के अस्तित्व पर संकट :
ममलखा गांव के समीप गंगा की धाराएं तेज़ी से दायें तट को काट रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते दो दिनों में नदी की धारा करीब 20 से 30 मीटर क्षेत्र में भूमि को अपने साथ बहा ले गई है। खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंच रही नदी की धाराएं लोगों में दहशत का माहौल बना रही हैं।

जल संसाधन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया: स्थल पर 24×7 कार्य :
स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू कर दिए हैं। विभाग द्वारा कटावग्रस्त स्थल पर पर्याप्त संख्या में बोल्डर, बालू भरे जियोबैग, ट्रिपोलिया और अन्य आवश्यक सामग्री भेजी गई है। समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि रात्रि में भी कार्य जारी रह सके।

विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में कोई बाधा न आए। कार्यस्थल पर दिन-रात कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उच्चाधिकारियों की सतत निगरानी में कार्य तेज़ी से हो रहा है।

वरिष्ठ अभियंताओं की निगरानी में हो रहा है कार्य :
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण (कटिहार) के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता (भागलपुर अंचल), कार्यपालक अभियंता (भागलपुर प्रमंडल) और अन्य अभियंताओं की निगरानी में यह पूरा कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थल का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक निर्देश मौके पर ही दिए जा रहे हैं।

मुख्यालय से विशेष तकनीकी टीम रवाना :
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग मुख्यालय, पटना से एक विशेष तकनीकी टीम को भी रवाना किया गया है। इस टीम में डैम सुरक्षा प्रकोष्ठ के निदेशक, एक कार्यपालक अभियंता और एक सहायक अभियंता शामिल हैं। यह टीम स्थल पर पहुंचकर तकनीकी निरीक्षण करेगी और आवश्यकतानुसार कटाव रोधी रणनीति को सुदृढ़ करेगी।

आपातकालीन सामग्री और वैकल्पिक तैयारियां भी पूरी :
कटाव से प्रभावित स्थल के पास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त बाढ़ सुरक्षा सामग्री को ममलखा पहुंचाया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें।

ग्रामीणों को राहत का भरोसा, लेकिन चिंता बरकरार :
विभागीय कार्रवाई के बावजूद स्थानीय ग्रामीणों में अभी भी कटाव को लेकर चिंता बनी हुई है। कई लोग अपने घरों को खाली करने की तैयारी में हैं, वहीं कुछ ने एहतियातन घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने विभाग से कटाव नियंत्रण कार्यों में और तेजी लाने की मांग की है।

विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार: मुख्य अभियंता :
इस पूरे मामले पर मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, कटिहार ने कहा, “विभाग पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। हम लगातार स्थल की निगरानी कर रहे हैं और बाढ़ सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और कटाव को रोकना है, जिसके लिए सभी संसाधनों का समुचित उपयोग किया जा रहा है।”

ममलखा गांव को गंगा के तीव्र कटाव से सुरक्षित रखने के लिए जल संसाधन विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। विभागीय अमला, तकनीकी टीमें और संसाधन लगातार स्थल पर कार्यरत हैं। हालांकि खतरा अभी टला नहीं है, लेकिन प्रशासन की तत्परता से उम्मीद की जा रही है कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।

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