आज बनेगा कल का बिहार : बिहार आइडिया फेस्टिवल में युवाओं के नवाचारों को मिला मंच
भागलपुर। बिहार में युवाओं के नवाचार, ऊर्जा और विचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मुख्य सभागार में “बिहार आइडिया फेस्टिवल” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा “आज बनेगा कल का बिहार” स्लोगन के साथ स्टार्टअप बिहार योजना के तहत किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह, तथा विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिंह के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।हर व्यक्ति में है एक विचार, जो बिहार को बदल सकता है : जिलाधिकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि बिहार के हर व्यक्ति, हर युवा, हर वर्ग के पास कोई न कोई सृजनात्मक विचार (Idea) है। उन्होंने कहा, “बिहार के लोग प्रतिभाशाली और जुझारू हैं। जहां साधन नहीं होते, वहां भी ये लोग ‘जुगाड़’ से रास्ता निकाल लेते हैं। यही जुगाड़ शक्ति एक अद्भुत आइडिया का रूप ले सकती है।”डॉ. चौधरी ने कहा कि बिहार के लोग मेहनती होने के साथ-साथ कल्पनाशील भी हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे अपने विचारों को आत्मनिर्भरता और रोजगार के माध्यम से साकार करें और बिहार में ही अवसरों का निर्माण करें।युवाओं में है बदलाव की ऊर्जा : उपविकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह
उपविकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह ने युवाओं की शक्ति और उनकी क्रांतिकारी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि “आज के युग में सबसे अधिक ऊर्जा यदि कहीं है, तो वह हमारे युवाओं में है।” उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनका जोश और विचार समाज को नई दिशा देने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता की यह पहल तभी सफल हो सकती है जब स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही निकाला जाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने नवाचार और विचारों को साझा करें, ताकि सरकार उन्हें प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता प्रदान कर सके।
विचारों को मिलेगा मंच और समर्थन :
कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि फेस्टिवल के तहत प्राप्त सर्वश्रेष्ठ विचारों (Ideas) को चयनित कर उन्हें पुरस्कार और स्टार्टअप में परिवर्तित करने हेतु वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह पहल बिहार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से राज्य में स्थानीय रोजगार का सृजन, आत्मनिर्भरता की वृद्धि और युवाओं के पलायन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
कुलपति और निदेशक का भी संबोधन :
कार्यक्रम के दौरान बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह और निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने भी छात्रों और उपस्थित युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी इनोवेशन और सामाजिक उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
आयोजन में सहयोग :
कार्यक्रम का सफल संचालन उद्योग विभाग, भागलपुर की महाप्रबंधक सुश्री खुशबू कुमारी द्वारा किया गया। इसके अलावा उद्योग विभाग मुख्यालय से पधारे सहायक निदेशक श्री प्रशांत कुमार ने भी कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया।
बिहार आइडिया फेस्टिवल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य के निर्माण का बीजारोपण है। इस मंच के माध्यम से न केवल युवाओं को अपने विचार साझा करने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप देने का मार्ग भी मिल रहा है। यदि यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावशाली सिद्ध होती है, तो आने वाले वर्षों में यह बिहार को स्टार्टअप हब में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
फेस्टिवल में नवाचार की गूंज, 400 से अधिक छात्र-छात्राओं और जीविका दीदियों ने लिया भाग :
बिहार आआइडिया फेस्टिवल में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने अपने नवाचार विचारों को प्रस्तुत किया। साथ ही जीविका की दीदियाँ भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और उन्होंने आत्मनिर्भरता के अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप, स्थानीय उद्योगों और नवाचार के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना रहा। सभी वक्ताओं ने छात्रों के विचारों की सराहना की और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन दिया।



