खूंटी में पेलोल पुल के शिलान्यास में एक बार फिर त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि के साथ स्थानीय विधायकों की हुई अनदेखी
खूंटी: पथ निर्माण विभाग के द्वारा पेलोल पुल बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद वैकल्पिक मांग डायवर्सन निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में एक बार फिर से त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि के साथ स्थानीय विधायक सुदीप गुड़िया और अन्य लोगों की को की गई अनदेखी की गई है।
पथ निर्माण विभाग खूंटी- सिमडेगा मुख्य पथ पर पेलोल पुल का डायवर्शन करीब एक करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से निर्माण होना प्रस्तावित है। इसके शिलान्यास कार्यक्रम में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जन प्रतिनिधियों के साथ साथ उस क्षेत्र के स्थानीय विधायक को भी आमंत्रित नहीं किया गया। यह पथ निर्माण विभाग की अनदेखी कही जा सकती है।
मुरहू प्रमुख के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने जानकारी देते हुए बताया कि पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के द्वारा पुनः जिले में ऐसी प्रवृत्ति विभाग की बन गई है। स्थानीय मुंडा,पाहन के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को भूल गए। इस पुल के डायवर्सन के उद्घाटन में सिर्फ विधायक और संसद को आमंत्रित किया है। जबकि कार्य आप ग्रामीण क्षेत्रों में करते हैं। जमीन आप ग्रामीणों को लेते हैं। जिस गांव में या जिस पंचायत में आप कार्य करते हैं वहां के जिला परिषद, पंचायत समिति, मुखिया और वार्ड सहित जमीन मालिक आम ग्रामीण के साथ प्रखंड के अधिकारियों को आमंत्रित करना ही भूल जाते हैं। ये जान बूझकर विभाग करता है ।
यह प्रवृत्ति जिला के द्वारा वर्ष 2025 से शुरू की गई है। स्थानीय लोगों को आमंत्रण ही नहीं किया जाता है ।
पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा के द्वारा अथवा पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा के द्वारा स्थानीय सभी जनप्रतिनिधि के साथ अन्य ग्रामीण लोगों को भी शिलान्यास अथवा उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता था। कार्यक्रम में भोजन की सुविधा के साथ सभी ग्राम प्रधानों, सिंगबोंगा पूजा के साथ कार्यक्रम होता था,स्थल पर पट्टिका बोर्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ सांसद विधायक का नाम लिखवाना पसंद करते थे।
आज के समय में स्थानीय सांसद और विधायक आम जन प्रतिनिधि के साथ शायद अपने नाम को लिखवाना उचित नहीं समझते हैं ।
इसलिए जिले के विभागों के द्वारा जहां भी शिलान्यास या उद्घाटन पट्टीका लगाई जाती है,वहां आम जनप्रतिनिधि का नाम हटा दिया जाता है।
यही धारणा यदि बनी रहे तो स्थानीय जनप्रतिनिधि इसका खास विरोध करने पर अपने आप को मजबूर करना समझेंगे।
क्योंकि इससे हम अपनी गरिमा को गिरता हुआ महसूस करते हैं और यदि विभाग ऐसा ही करने को उतारू होगा निश्चित तौर पर आने वाले समय पर विभाग के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की हम स्थानीय लोग लोगों के साथ विरोध करते हैं। विभाग चाहे ग्रामीण विकास विभाग हो अथवा पथ निर्माण हो या अन्य कोई भी विभाग हो जो भी कार्य हमारे गांव में अथवा हमारे क्षेत्र में किया जाएगा। उसमें हम जनप्रतिनिधियों का ऐसा अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। आने वाले दिनों में विभाग इसके लिए अपने आप को मजबूत कर ले की स्थानीय स्थल में आपके ऐसे बर्ताव का कड़ा विरोध किया जाएगा।
इस संबंध में मुरहू प्रखंड के सभी जनप्रतिनिधि एक बैठक रखेंगे और निर्णय लेंगे की जिले प्रशासन के द्वारा ऐसा कार्य क्यों किया जा रहा है। जिसमे मुंडा , मानकी,पाहन के साथ जनप्रतिनिधि को अपमान किया जा रहा है ।
स्थान में पूजा कोई बिना ही शिलान्यास का नतीजा है पेलोल पुल का डायवर्सन में पहली दिन ही घटना घट गई। स्थानीय महिला को 11000 बोल्ट से झटका लगा और वह वहीं पर बेहोश हो गई।



