11 अक्टूबर रविवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या है…

मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।अपने दिन की शुरुआत कसरत से करें- यही वक़्त है जब आप अपने बारें में अच्छा महसूस करने की शुरुआत कर सकते हैं- इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और नियमित रखने की कोशिश करें। किसी करीबी रिश्तेदार की मदद से आज आप अपने करोबार में अच्छा कर सकते हैं जिससे आपको आर्थिक लाभ भी होगा। आपकी पारिवारिक सदस्यों को क़ाबू में रखने और उनकी न सुनने प्रवृत्ति की वजह से बेवजह वादविवाद हो सकता है और आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। प्रेमी को आज आपकी कोई बात चुभ सकती है। वो आपसे रुठें इससे ही पहले ही अपनी गलती का अहसास कर लें और उन्हें मना लें। जीवन की आपाधापी के बीच आज आप अपने बच्चों के लिए वक्त निकालेंगे। उनके साथ वक्त गुजार के आपको महसूस हो सकता है कि आपने जीवन के कई जरुरी पल गवां दिए हैं। आज आपको और आपके जीवनसाथी को प्यार-मुहब्बत के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। आज आप फ़ोटोग्राफ़ी करके आने वाले कल के लिए कुछ बेहतरीन यादें संजो सकते हैं; अपने कैमरे का सदुपयोग करना बिलकुल न भूलें।*
उपाय :- लाल गाय या लाल कुत्ते को भोजन कराना पारिवारिक जीवन की ख़ुशियों को बढ़ाएगा।
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वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।मुस्कुराएँ, क्योंकि यह सभी समस्याओं का सबसे उम्दा इलाज है। अगर आप घर से बाहर रहकर जॉब या पढ़ाई करते हैं तो ऐसे लोगों से दूर रहना सीखें जो आपका धन और समय बर्बाद करते हैं। आपकी स्वच्छन्द जीवनशैली घर में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए देर रात तक बाहर रहने और ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। सम्हल कर दोस्तों से बात करें, क्योंकि आज के दिन दोस्ती में दरार पड़ने की आशंका है। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। वैवाहिक जीवन में चीज़ें हाथ से निकलती हुई मालूम होंगी। संभव है कि परिवार के साथ किसी नज़दीकी रिश्तेदार से मिलने जाना हो और इसके लिए दिन ठीक भी है। हालाँकि किसी पुरानी ख़राब घटना का ज़िक्र करने से बचें, नहीं तो वातावरण में तनाव पैदा हो सकता है।उपाय :- एक नारियल और सात बादाम किसी भी धर्म-स्थान में दें तो लव लाइफ स्मूथ चलती है।*
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का दबाव और घर में अनबन के चलते आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है- जो काम में आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है। आज आप अपने दोस्त की महक उसकी अनुपस्थिति में महसूस करेंगे। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। आज के दिन कुछ भी करने के लिए अपने साथी पर दबाव न डाले, अन्यथा आपके दिलों में दूरियां आ सकती हैं। अपने घर से बाहर निकलते समय अपने जरुरी सामान को एक बार जरुर देख लें।
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उपाय :- अपाहिजों को रेवड़ियाँ बाँटने से फैमिली लाइफ अच्छी रहेगी।*
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।सेहत के नज़रिए से यह वक़्त थोड़ा ठीक नहीं है, इसलिए जो आप खाएँ उसके प्रति सावधान रहें। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। कोई पुराना परिचित आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। संभव है कि कोई आपसे अपने प्यार का इज़हार करे। कोई रोचक मैगजीन या उपन्यास पढ़ के आजके दिन को आप अच्छी तरह से व्यतीत कर सकते हैं। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की मदद से ज़िन्दगी की मुश्किलों का आसानी से सामना कर सकते हैं। आज मौसम के मिजाज की तरह ही दिन में कई बार आपका मिजाज भी बदल सकता है।
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उपाय :- सुगन्धित चीज़ों का प्रयोग करने से स्वास्थ्य लाभ होगा।*
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।बेकार के ख़यालों में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें, बल्कि इसे सही दिशा में लगाएँ। बीते दिनों में जितना धन आपने आज को बेहतर बनाने के लिए इनवेस्ट किया था उसका फायदा आज आपको फायदा मिल सकता है। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। मतभेद के चलते व्यक्तिगत संबंधों में दरार पड़ सकती है। अपने शरीर को दुरुस्त करने के लिए आज भी आप कई बार सोचेंगे लेकिन बाकी दिनों की तरह भी आज यह प्लान धरा का धरा रह जाएगा। जीवनसाथी की ख़राब सेहत के चलते आप चिंताग्रस्त हो सकते हैं। बेरोजगारों को आज के दिन नौकरी न मिलने का मलाल हो सकता है। आपको अपने प्रयास बढ़ाने की जरुरत है।
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उपाय :- हरे रंग के जूतों का प्रयोग पहनने के लिए करना प्रेम सम्बन्धों के लिए अच्छा है।*
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।बच्चे आपकी शाम को ख़ुशी की चमक लाएंगे। थकाऊ और उबाऊ दिन को अलविदा कहने के लिए एक बढ़िया डिनर की योजना बनाएँ। उनका साथ आपके शरीर में फिर से ऊर्जा भर देगा। यदि आप किसी से उधार वापस मांग रहे थे और अब तक वो आपकी बात को टाल रहा था तो आज बिना बोले ही वो आपको पैसा लौटा सकता है। परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियाँ सभी को ख़ुश रखेंगी। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न करें, ताकि ज़िन्दगी में आगे आपको पछताना न पड़े। रिश्तेदारों को लेकर जीवनसाथी के साथ नोंकझोंक हो सकती है। परिवार के साथ मिलकर किसी ज़रूरी फ़ैसले को अन्तिम रूप दिया जा सकता है। ऐसा करने के लिए यही सही वक़्त भी है। आगे चलकर यह निर्णय काफ़ी लाभदायक साबित होगा।
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उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका से मिलने जाने से पहले मिश्री खाकर व पानी पीकर निकले इससे प्रेम सम्बन्धों में बढ़ोतरी होगी।*
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। घर की छोटी-छोटी चीजों पर आज आपका बहुत धन खराब हो सकता है जिसकी वजह से आप मानसिक तनाव में आ सकते हैं। आपके जीवन-साथी की सेहत चिंता का सबब बन सकती है और उसे चिकित्सकीय देखरेख की ज़रूरत है। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। आज के दिन आपके कुछ दोस्त आपके घर में आ सकते हैं और उनके साथ आप समय बिता सकते हैं हालांकि इस दौरान शराब, सिगरेट जैसे पदार्थों का सेवन करना आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। आपके आस-पास के लोग कुछ ऐसा कर सकते हैं, जिसके चलते आपका जीवनसाथी आपकी तरफ़ फिर से आकर्षित महसूस करेगा। अपने घर से बाहर निकलते समय अपने जरुरी सामान को एक बार जरुर देख लें।
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उपाय :- आर्थिक स्थिHति को अच्छा करने के लिए नियमित गायत्री मन्त्र व गायत्री चालीसा पढ़ें।*
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आपको अपने अटके कामों को पूरा करने में इसका इस्तेमाल करना चाहिए। केवल एक दिन को नज़र में रखकर जीने की अपनी आदत पर क़ाबू करें और ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। बेवजह का शक रिश्तों को खराब करने का काम करता है। आपको भी अपने प्रेमी पर शक नहीं करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर आपके मन में उनके प्रति संशय है तो उनके साथ बैठकर हल निकालने की कोशिश करें। अपनी ख़ासियत और भविष्य की योजनाओं पर फिर से सोचने का समय। आपका जीवनसाथी आपकी ज़रूरतों को अनदेखा कर सकता है, जिसके चलते आप चिड़चिड़े हो सकते हैं। रिश्तों से परे आपकी अपनी भी एक दुनिया है और उस दुनिया में आज आप दस्तक दे सकते हैं।
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उपाय :- खुशहाल पारिवारिक जीवन के लिए शनिदेव का तेल से अभिषेक करें।*
धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।मानसिक दबाव के बावजूद आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. पढ़ाई की क़ीमत पर घर से ज़्यादा देर तक बाहर रहना आपको माता-पिता के ग़ुस्से का शिकार बना सकता है। करिअर के लिए योजना बनाना उतना ही आवश्यक है, जितना कि खेलना-कूदना। इसलिए माता-पिता को ख़ुश करने के लिए दोनों में संतुलन बनाना ज़रूरी है। आपका प्यार न सिर्फ़ परवान चढ़ेगा, बल्कि नई ऊँचाइयों को भी छूएगा। दिन की शुरुआत प्रिय की मुस्कान से होगी और रात उसके सपनों में ढलेगी। आपका व्यक्तित्व और लोगों से थोड़ा अलग है आप अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। आज आपको अपने लिए वक्त तो मिलेगा लेकिन ऑफिस की कोई समस्या आपको सताती रहेगी। जब आप अपने जीवनसाथी से भावनात्मक तौर पर जुड़ते हैं, तो नज़दीकी अपने आप महसूस की जा सकती है। आज का दिन तनाव से मुक्त रहने की कोशिश करें, इसलिए आराम करने पर ज़ोर दें।
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उपाय :- शराब के सेवन से मंगल बिगड़ता है, इसलिए पारिवारिक सुख हेतु इसका त्याग करें।*
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।सफलता क़रीब होने के बावजूद आपकी ऊर्जा के स्तर में गिरावट आएगी। आप पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप अपनी जमा-पूंजी पारम्परिक तौर पर निवेश करें। पढ़ाई की क़ीमत पर घर से ज़्यादा देर तक बाहर रहना आपको माता-पिता के ग़ुस्से का शिकार बना सकता है। करिअर के लिए योजना बनाना उतना ही आवश्यक है, जितना कि खेलना-कूदना। इसलिए माता-पिता को ख़ुश करने के लिए दोनों में संतुलन बनाना ज़रूरी है। व्यक्तिगत मार्गदर्शन आपके रिश्ते में सुधार लाएगा। कारोबारी आज करोबार से ज्यादा अपने परिवार के लोगों के बीच समय बिताना पसंद करेंगे। इससे आपके परिवार में सामंजस्य बनेगा। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा। आज का दिन थोड़ा उबाऊ सकता है, इसलिए कोई रचनात्मक कार्य करके दिन को रोचक बना सकते हैं।
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उपाय :- सुगन्धित चीज़ों का प्रयोग करने से स्वास्थ्य लाभ होगा।*
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।कोई दोस्त आपकी सहनशक्ति और समझ की परीक्षा ले सकता है। अपने मूल्यों को दरकिनार करने से बचें और हर फ़ैसला तार्किक तरीक़े से लें। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। कोई आपको दिल से सराहेगा। आज आपके पास खाली समय होगा और इस समय का इस्तेमाल आप ध्यान योग करने में कर सकते हैं। आपको आज मानसिक शांति का अहसास होगा। लंबे अरसे के बाद जीवनसाथी के साथ काफ़ी वक़्त गुज़ारने का मौक़ा मिल सकता है। लोगोंं के बीच रहकर सबका सम्मान करना आपको आता है इसलिए आप भी सबकी नजरों में अच्छी छवि बना पाते हैं।
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उपाय :- चाँदी के चम्मच से या चाँदी की थाली में भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा।*
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। वे निवेश-योजनाएँ जो आपको आकर्षित कर रहीं हैं, उनके बारे में गहराई से जानने की कोशिश करें- कोई भी क़दम उठाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर ले लें। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें। अपनी बातचीत में मौलिकता रखें, क्योंकि किसी भी तरह का बनावटीपन आपको फ़ायदा नहीं पहुँचाएगा। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की काफ़ी संभावना है। आप कुछ समय अपने व्यक्तित्व को निखारने में लगा सकते हैं, क्योंकि आकर्षक व्यक्तित्व का आत्म-निर्माण में अहम योगदान होता है।
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उपाय :- खाने में शहद का प्रयोग करना प्रेम सम्बन्धों में मिठास घोलेगा।
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤️ दिनांक – 11 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात द्वितीया
🌤️ नक्षत्र – चित्रा रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात स्वाती
🌤️ योग – वैधृति रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात विष्कंभ
🌤️राहुकाल – शाम 04:50 से शाम 06:18 तक
🌤️ सूर्योदय – 05:43
🌤️ सूर्यास्त – 05:51
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
🚩व्रत पर्व विवरण – आश्विन शारदीय नवरात्र प्रारंभ,घट-स्थापना
विशेष- प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

👉🏻 2026 मे शारदीय नवरात्रि मे कलश स्थापना कैसे करे सभी महत्वपूर्ण जानकारी⤵️
🌷 नवरात्रि पूजन विधि 🌷
➡ 11 अक्टूबर 2026 रविवार से नवरात्रि प्रारंभ ।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम शारदीय शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।
➡ कलश / घट स्थापना विधि
🌷 घट स्थापना शुभ मुहूर्त (सुरत) :
11 अक्टूबर 2026 रविवार को सुबह 06:33 से सुबह 10:28 तक
➡ घट स्थापना अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:02 से दोपहर 12:49 तक
🙏🏻 देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।

👉🏻 कलश स्थापना शुभ मुहूर्त⤵️
🌷 सामग्री:
👉🏻 जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र
👉🏻 जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी
👉🏻 पात्र में बोने के लिए जौ
👉🏻 घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )
👉🏻 कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल
👉🏻 मौली (Sacred Thread)
👉🏻 इत्र
👉🏻 साबुत सुपारी
👉🏻 दूर्वा
👉🏻 कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के
👉🏻 पंचरत्न
👉🏻 अशोक या आम के 5 पत्ते
👉🏻 कलश ढकने के लिए ढक्कन
👉🏻 ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल
👉🏻 पानी वाला नारियल
👉🏻 नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
👉🏻 फूल माला
🌷 विधि
🙏🏻 सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।
🙏🏻 नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।
🙏🏻 अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।
🌷 कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।
🙏🏻 नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है
🙏🏻 माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।
🙏🏻 लक्ष्मी प्राप्ति के लिएउ नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें
🙏🏻 मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।
🙏🏻 प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें। किस दिन क्या सामग्री गिफ्ट देनी चाहिए ये भी आगे बताएँगे।
🙏🏻 यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।
~ पंचांग ~
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

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