राष्ट्रीय नेतृत्व में बढ़ा झारखंड का प्रतिनिधित्व, बिरेंद्र प्रधान बने लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
रांची: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने झारखंड के वरिष्ठ नेता एवं निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष श्री बिरेंद्र प्रधान को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। 26 वर्षों से पार्टी एवं संगठन से जुड़े श्री प्रधान ने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए झारखंड में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी तथा जिला एवं प्रखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और समर्पण को देखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिया जाना झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर श्री बिरेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं माननीय केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पद और जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन पार्टी की विचारधारा, संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं के साथ उनका संबंध सदैव कायम रहेगा।
श्री प्रधान ने कहा कि झारखंड में अपने कार्यकाल के दौरान युवाओं, महिलाओं और नए कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी वे संगठन के विस्तार और नई पीढ़ी को पार्टी से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के आदर्शों को अपनी राजनीतिक प्रेरणा बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान जी के नेतृत्व में पार्टी को और मजबूत करने के लिए वे निरंतर कार्य करते रहेंगे।
इसी क्रम में श्री जनार्दन पासवान को झारखंड प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्री बिरेंद्र प्रधान ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
श्री बिरेंद्र प्रधान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति पर प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया और इसे उनके लंबे संगठनात्मक योगदान का सम्मान बताया।


