त्योहारों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं हो, रिक्त पदों पर जल्द हो नियुक्ति : चैंबर

रांची: त्योहारी सीजन में बाजार क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों को रोककर परमिट और ई-वे बिल की जांच करने तथा तकनीकी कमियों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की समस्या को लेकर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात की। चैंबर ने बाजार क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने और परमिट जांच के नाम पर जब्ती जैसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए विभागीय निर्देश जारी करने की मांग की।
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि त्योहारों के दौरान मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित होने से बाजारों में सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस पर मंत्री ने वाणिज्यकर विभाग के सचिव को शहर के अंदर वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होने देने का निर्देश दिया। हालांकि, उन्होंने व्यवसायियों से उचित इनवॉइस जारी करने और कर संबंधी नियमों का पालन करने की अपील भी की।
बैठक में वाणिज्यकर विभाग के विभिन्न सर्किल कार्यालयों में संयुक्त आयुक्त के पद रिक्त रहने का मुद्दा भी उठाया गया। चैंबर प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारियों की कमी के कारण कई वैधानिक और प्रशासनिक कार्य लंबित हैं। इससे विशेष रूप से झारखंड वैट के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और अन्य गैर-जीएसटी वस्तुओं के कारोबारियों को परेशानी हो रही है। जेवैट एवं सीएसटी पंजीकरण, पंजीकरण में संशोधन, वस्तुओं को जोड़ने या हटाने, व्यावसायिक पते और गोदाम की जानकारी अपडेट कराने तथा आवश्यक वैधानिक फॉर्म प्राप्त करने में कठिनाइयां आ रही हैं।
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि इन प्रक्रियाओं में देरी का असर व्यापारिक गतिविधियों के साथ राज्य के राजस्व पर भी पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने और तब तक संबंधित सर्किल के वरिष्ठतम अधिकारी को आवश्यक प्रशासनिक शक्तियां देने का आग्रह किया। मंत्री ने इस मामले में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने छठ पूजा के बाद विभागीय सचिव, वाणिज्यकर अधिकारियों और चैंबर पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की बात भी कही।
प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, सह सचिव अमित शर्मा और पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया तथा सदस्य आदित्य शाह, ज्योति पोद्दार और कुमुद झा शामिल थे।

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