भाषा के नाम पर बांटने व सौतेला व्यवहार न हो शासन जोड़ने का काम करे
रांची: अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच का बैठक रविवार को कैलाश यादव की अध्यक्षता में हरमू पटेल पार्क के समीप आवासीय कार्यालय बी/149 में हुई । बैठक का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष अमरनाथ झा ने किया।
बैठक के दौरान सभी लोगों ने निर्णय लिया कि संगठन की मजबूती के लिए जिला स्तर और प्रदेश स्तर पर क्षेत्रवार जनजागरण अभियान चलाया जाय और कमिटी को पूर्ण रूप दिया जाए।
आज की बैठक में मंच द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भूमिज भाषा को नियोजन नीति में समाहित कर क्षेत्रीय भाषा में शामिल करे।
बैठक के दौरान कैलाश यादव ने कहा राज्य सरकार में शामिल कुछ राजनेता और अधिकारी भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भूमिज भाषा के साथ सौतेला व्यवहार करने का गलत मार्गदर्शन किया करते हैं जो जनहित के खिलाफ है, शासन जोड़ने का काम करे बंटवारा नहीं करे जिससे सामाजिक समरसता न बिगड़े ।
संचालन कर रहे अमरनाथ झा ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हम सभी लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं, ये विषय भाषाई अस्मिता से जुड़ा हुआ इसलिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुटता जरूरी है ।
बैठक में तीन प्रस्ताव भी पारित किया गया है, जिसमें 31 अगस्त को रांची में सम्मेलन, प्रदेश स्तर संगठन का विस्तार,जिलावार एवं प्रदेश स्तर पर बैठक करने एवं क्षेत्रवार प्रभारी बनाया जाना है।
बैठक के द्वारा सभी लोगों ने संकल्प लिया कि भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भूमिज भाषा को हर हाल में सरकार द्वितीय राजभाषा में शामिल कर क्षेत्रीय भाषा का मान्यता देने के एकजुटता बनाया जाएगा।
बैठक में ब्रजकिशोर झा बबन यादव रुद्रकांत मिश्रा रामकुमार यादव रामपुकार राय सुनील पांडेय उमेश राय चंद्रदेव मंडल महानंद यादव विभाकर कुमार द्वारिका राय सदानंद सिंह विजयकांत अरुण राय दिलीप यादव योगेंद्र शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे ।



