झारखंड विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन: एसआईआर को लेकर गरमाई राजनीति
रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र का शुक्रवार को तीसरा दिन है। सदन शुरू होने से पहले एसआईआर का मुद्दा गरमा गया। इसपर पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने इस पर अपनी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। रांची विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि एसआईआर पूरे देश में हो रहा है। पश्चिम बंगाल में हो रहा है और झारखंड में भी होगा। यह भारत का संवैधानिक अधिकार है। चुनाव आयोग को यह अधिकार है। इसमें कांग्रेस क्यों भाग रही है। सीपी सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एस आई आर का विरोध किया। झूठा भ्रम फैलाया। इससे क्या हुआ। देश की जनता एसआईआर के पक्ष में है और जनता इसका स्वागत कर रही है। लेकिन कांग्रेस इसके खिलाफ है क्योंकि चोरी उसकी रुक जाएगी। वहीं जमशेदपुर से जेडीयू के विधायक सरयू राय ने कहा कि एसआईआर का विरोध करने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट तक चले गए।लेकिन उनको वहां से निराशा ही हाथ लगी है। एसआईआर से जो दूसरे देश से यहां पर आकर गलत तरीके से रह रहे हैं उनका वोटर लिस्ट से नाम हटाना है। यह चुनाव आयोग का काम है। वहीं राजद विधायक संजय सिंह यादव ने एसआईआर का विरोध करने की बात कही। साथ ही कहा कि यह गलत काम हो रहा है। गरीबों का वोट काटा जा रहा है। इसलिए हमलोग इसका विरोध सड़क से लेकर सदन तक करेंगे। नेता प्रतिपक्ष सह बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रत्येक दस वर्षों में एस आईआरहोता है। यह पूरे देश में चल रहा है। झारखंड में भी होगा। एस आई आर वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण है। जो लोग मर गए या यहां से चले गए उनका नाम वोटर लिस्ट से हटेगा। जो दूसरे देश से गलत तरीके से यहां बसे हुए हैं उनका नाम वोटर लिस्ट से कटेगा। इसमें परेशानी किसको होगा यह तो साफ है कि कांग्रेस पार्टी को इसमें नुकसान हो रहा है। इसलिए वह विरोध कर रही है। बांग्लादेशी घुसपैठ को कांग्रेस संरक्षण देना चाहती है यह खुलकर बोलना चाहिए। एस आई आर चुनाव आयोग करा रही है और यह चुनाव आयोग का काम है। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा आजसू के तिवारी महतो और बड़कागांव से बीजेपी विधायक ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू और पूर्व विधायक निर्मला देवी के विस्थापितों की लड़ाई गिरफ्तारी पर कहा कि यह सब उनका नौटंकी है। मीडिया में आने के लिए यह सब किया गया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और उनकी पुलिस के द्वारा गिरफ्तारी होती है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की लड़ाई हमलोगों ने लड़ी है और उनके समस्याओं को सदन में भी उठाने का काम किया है। वहीं डुमरी के विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी का मामला उठाया।



