25 फरवरी को कुरमी समाज का हुंकार महारैली ऐतिहासिक होगी: शीतल ओहदार
रांची: होटल गंगा आश्रम रांची में टोटेमिक कुड़मी/ कुरमी समाज का प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए टोटेमिक कुड़मी/कुरमी समाज के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने कहा कि आगामी 25 फरवरी को ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में कुड़मी/कुरमी हुंकार महारैली का आयोजन किया गया है।जिसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। यह महारैली झारखंड प्रदेश के सभी कुड़मी/कुरमी नामधारी संगठनों के आह्वान पर टोटेमिक कुड़मी/ कुरमी जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में सुचिवद्ध करने और कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बुलाया गया है। जिसमें पांच लाख से भी अधिक संख्या में कुड़मी/ कुरमी समाज के लोग भाग लेंगे। श्री ओहदार ने कहा कि कुरमी/ कुड़मी समाज 74 वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित है बड़ी साजिश के तहत आदिवासियत की पहचान को छीन लिया गया है और दोयम दर्जा के नागरिक बनाकर रखा गया है। आज भी केंद्र सरकार हमारे साथ साजिश कर रही है इस साजिश में भाजपा शासित केंद्र सरकार एवं जनजातीय मामले के मंत्री अर्जुन मुंडा कुड़मी/ कुरमी जनजाति को अनुसूचित जनजाति के सूची में शामिल नहीं होने देने की ठान लिये है।जबकि कुड़मीयों में अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की सभी अर्हता पूरी करती है। प्रेस को संबोधित करते हुए श्री ओहदार ने कहा कि हुंकार महारैली शांतिपूर्वक होगी।समाज के लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा एवं पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ शामिल होंगे, जिसमें झूमर नाच, नटुवा नाच,घोड़ा नाच, पइका नाच नाचते हुए और टुसू गीत के साथ ढोल नगाड़ा बजाते हुए महिला, पुरुष और युवा शामिल होंगे। युवा समाजसेवी एवं कुरमी विकास परिषद के अध्यक्ष रणधीर चौधरी ने कहा कि यह महारैली मिल का पत्थर साबित होगा ।अब समाज के युवा जाग चुके हैं अपने अधिकार को समझने लगे हैं कोई भी राजनीतिक पार्टी हमारे समाज को केवल वोट बैंक के लिए उपयोग नहीं कर सकता है समाज के लोग उस राजनैतिक पार्टी के साथ होंगे जो हमारे अधिकार की लड़ाई में हमारे समाज के साथ खड़ा रहेगा। श्री चौधरी ने समाज के सभी युवा और महिला पुरुष से आह्वान किया की आप एकता का परिचय दें। पार्टी के नेताओं के बहकावे में ना आएं , कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा महारैली को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। यह महारैली कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है सिर्फ और सिर्फ अपने बाल बच्चों की भविष्य और संवैधानिक अधिकार के लिए बुलाई गई है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से रामपोदो महतो, सखीचंद महतो, हेमलाल महतो, कपिल देव महतो, ओमप्रकाश महतो, सोनालाल महतो, दीपक चौधरी, रतन महतो, संदीप महतो आदि उपस्थित थे।

