झारखंड में शुरू हुई चाय की खेती,पायलट प्रोजेक्ट के तहत हजारीबाग और गुमला में प्रारंभ

रांची : झारखंड में कृषि विभाग राज्य में नए नए आयाम गढ़ने की कवायद में है। कृषि निर्देशक निशा उरांव की पहल पर राज्य बागवानी मिशन के द्वारा गुमला और हजारीबाग में चाय की खेती शुरू किया गया है। राज्य बागवानी मिशन के सेक्शन अधिकारी अमरेंद्र कुमार, उप निर्देशक राजेंद्र किशोर ने बताया कि हजारीबाग के डेमोटांड़ में चाय की खेती शुरू की गई है। इसके अलावा गुमला में भी शुरू किया गया है। इस क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि अभी यह पायलट प्रोजेक्ट है। दोनों जिले में यदि बेहतर रिजल्ट आया तो राज्य के अन्य जिले में भी चाय की खेती शुरू की जाएगी।  हजारीबाग में 25 एकड़ में और गुमला में 35 एकड़ में इसकी शुरुआत हुई है। किसानों को विभाग के द्वारा सब्सिडी भी दिया जाता है। इसके अलावा राज्य बागवानी मिशन द्वारा किसानों को समय समय पर प्रशिक्षण देकर नई तकनीक से खेती के गुर सिखा रही है। उद्यान से संबंधित फल,फूल को तकनीक के द्वारा खेती की जानकारी दिया जा रहा है। इसके अलावा माली प्रशिक्षण के माध्यम से आम,अमरूद,नारियल कैसे तैयार किया जायेगा,इसकी जानकारी दी जा रही है। यह 90 दिनों का प्रशिक्षण आवासीय होता है। इसके अलावा मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही नहीं किसानों को मशरूम उत्पादन किट भी निशुल्क दिया जाता है। विभाग के अधिकारी के मुताबिक राज्य के कई जिले में मशरूम की खेती किसान बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इसमें अधिकांश महिला किसान होते हैं। गांव देहात के गरीब आदिवासी महिलाएं बड़ी संख्या में मशरूम उत्पादन से जुडी हैं। किसानों से मशरूम विभाग के द्वारा खरीद लिया जाता है। सरायकेला खरसंवा जिले में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य बागवानी मिशन काम कर रही है। बेहतर किसानों को समय समय पर सम्मानित भी किया जाता है।

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