उपायुक्त मो० जावेद हुसैन की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों की समीक्षा
खूंटी: समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मो० जावेद हुसैन की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के तहत अत्याचार से राहत राशि के भुगतान से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संज्ञान में आए दो मामलों की गहन समीक्षा की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार प्रकाश, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री प्रमोद राम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती अनिशा कुजूर, कार्यपालक दंडाधिकारी श्रीमती कोमल कुमारी सहित समिति के सदस्य के रूप में अन्य कई अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।ㅤ
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना एवं किसी भी प्रकार के अत्याचार की स्थिति में शीघ्र न्याय तथा आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है। उपायुक्त ने एक मामले की विस्तृत समीक्षा करते हुए राहत राशि के भुगतान के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में मामले में केवल FIR दर्ज होने की स्थिति में 25% राहत राशि यानी ₹25,000 का भुगतान आवेदक को करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया।
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उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के तहत अत्याचार की स्थिति में पीड़ित को कुल ₹1 लाख की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है, जिसमें विभिन्न चरणों में FIR, चार्जशीट एवं न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाता है।
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उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि उक्त अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले मामलों की नियमित समीक्षा कर पीड़ितों को नियमानुसार सहायता राशि शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर राहत मिल सके।


