सुहागन ने खाया सिंदूर…
जीना है जिंदगी सारी,तो मोबाइल से लें सही जानकारी
आशुतोष रंजन
गढ़वा
सोशल मीडिया और इंटरनेट जहां किसी के लिए अच्छा है तो किसी के लिए बुरा भी,कहने का मतलब की जो इसका बढ़िया इस्तेमाल किया तो यह उसके लिए बढ़िया है जो बेज़ा उपयोग किया तो उसके लिए तो ख़राब ही न होगा,और साथ ही यह भी कहना कोई गलत नहीं होगा की जहां सुदूर क्षेत्र में बढ़िया से विकास की रौशनी नहीं पहुंची है वहां भी इंटरनेट और मोबाइल बढ़िया से पहुंच बना लिया है तभी तो उसे यूट्यूब पर देख कर मालूम हुआ की जिसे वो रोज़ एक सुहागन के रूप में अपने मांग में लगाती है उसका इस्तेमाल वो मरने के लिए भी कर सकती है,हम बात यहां सिंदूर की कर रहे हैं,क्योंकि आपने हेडिंग में भी पढ़ा की सुहागन ने सिंदूर खा लिया,तो आइए आपको इस ख़बर के जरिए बताऊं की वो कौन सुहागन है जिसने सिंदूर खा लिया।
सुहागन ने खाया सिंदूर: वो जाना चाहती थी इस दुनिया से दूर,तभी तो उसने खाया सिंदूर”, यह वाक्या झारखंड के गढ़वा जिला का है जहां कांडी थाना क्षेत्र के डुमरसोता गांव निवासी अनिल चौधरी की पत्नी पूजा अहले सुबह ही जब वो भगवान की पूजा करने के लिए तैयार हुई थी तो उसके द्वारा सिंदूर लगाया गया था,सुबह तक तो सब कुछ ठीक था,अचानक ऐसा क्या हुआ की उसने उसी सिंदुरदानी से सिंदूर निकाली और उसे खा लिया,जब उसकी तबियत बिगड़ने लगी तो उसे मझिआंव अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां वो इलाजरत है,उसने ऐसा क्यों किया इस बावत जानकारी मिली की वो अपने मायके जाना चाहती थी,उसके द्वारा अपने पति से हर रोज़ जाने की बात कही जा रही थी,लेकिन जब उसे पति द्वारा जाने से मना कर दिया गया तो यही रोकना पूजा को नागवार गुजरा और उसने बिना एक पल गंवाए सिंदूर निकाला और खा लिया,आलम है की अभी ना तो वो मायके में ही है और ना ही ससुराल में,अस्पताल में इलाजरत है।
तो मोबाइल से लें सही जानकारी: एक बार फिर मेरे मन में यही सवाल कौंध रहा है की मोबाइल का उपयोग अगर हम सही बात जानने और समझने के लिए करें तो वो हमारी आपकी जिंदगी के लिए बढ़िया है,और नहीं तो इस सुहागन जैसा करें तो फिर अस्पताल में मौत से जंग लड़नी पड़ेगी,साथ ही कहूं की जीना है अगर जिंदगी सारी,तो मोबाइल से लें सही जानकारी।

