झारखंड में बांग्लादेशी रोहंगिया मुसलमानों को बसाने का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर लगाया आरोप

रांची : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर एसआईआर के मुद्दे पर जमकर हमला बोला है। वे बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकरवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की गठबंधन सरकार झारखंड में बांग्लादेशी रोहंगिया मुसलमानों को यहां पर बसाने और उनका चुनाव में वोटर कार्ड बनाने की पूरी तैयारी कर लिया है। इसका प्रमाण विधानसभा मानसून सत्र में देखने को मिला है। सरकार के घटक दल कांग्रेस और राजद ने एसआईआर के खिलाफ खुलकर विरोध प्रदर्शन किया और इसके खिलाफ प्रस्ताव लाने का काम किया है। यह साफ प्रतीत होता है कि ये लोग बगैर बांग्लादेशी रोहंगिया मुसलमान वोटरों के विधानसभा चुनाव जीत ही नहीं सकते हैं,इसलिए अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए इनलोगों ने सदन में यहसब नाटक किया है। झारखंड की जनता ने इनलोगों का असली चेहरा देख लिया है।

श्री मारंडी ने कहा कि अब बांग्लादेशी मुसलमानों को कांग्रेस,झामुमो और राजद झारखंड में बसाना चाहती है, ताकि चुनाव में गठबंधन के पक्ष में चुनाव परिणाम हो। आने वाले समय में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रोहंगिया मुसलमान  यहां के आदिवासी लड़की से शादी करेंगे और सांसद,विधायक बनेंगे, वह दृश्य दिख रहा है।

उन्होंने इससे जुड़े आंकड़े को दिखाते हुए हुए कहा कि 1951 में जब पहला सेंसस हुआ, उस समय 35.38 प्रतिशत आदिवासियों की आबादी थी। उस समय 8.9 प्रतिशत मुस्लिमों की आबादी थी। इसमें आदिवासियों की संख्या घटी है और मुस्लिम की आबादी बढ़ी है।

वहीं 1951 में स्नातनियों की आबादी 87.79 प्रतिशत था। 2011 में 81.17 प्रतिशत हो गया है। आबादी किस तरीके बढ़ाया गया है यह साफ दिख रहा है। इसमें कांग्रेस ,राजद और झामुमो शामिल है। यह तो कल के विधानसभा में साफ दिखा है।

वहीं एसआईआर पर कहा कि 2014 से 2019 के बीच देश में मतदाता का प्रतिशत में वृद्दि हुई है। देश में 9.3 और झारखंड में 6.2 प्रतिशत वृदहही हुई है। लेकिन 2019-24 के दौरान 10.1 प्रतिशत है। झारखंड में 16.7 प्रतिशत है। 2019 से 2024 के बीच झारखंड में झामुमो,कांग्रेस,राजद गठबंधन की सरकार थी। जबकि 2014-19 के बीच में मत प्रतिशत में वृदहही नहीं हुई,उस समय झारखंड में बीजेपी की सरकार थी।

बाबूलाल ने झारखंड में रिजर्व सीट पर कहा कि 22 विधानसभा क्षेत्रों का हमने जांच करवाया है। जिसमें सिमडेगा में 2019 में जहां एक लाख 21 हजार वोटर थे, वहां पर  2024 में 2 लाख 44 हजार वोटर हो गए। अगर ओवर ऑल बात करें तो 10.2 प्रतिशत बढ़ा है। 2024 में 16505 मुस्लिम की वोटरों की संख्या हो गई। इतनी बढ़ोतरी कैसे हुई है,यह एक सुनियोजित तरीके से इनलोगों ने बसाया है।

जगरनाथपुर विधानसभा में 2019 एक लाख 71 हजार वोट थे। 2024 में 1 लाख 98 हजार वोटर वो गए। 15 प्रतिशत वोट की वृद्दि हुई है। मुस्लिम वोट की वृद्दि 52 प्रतिशत हुई है। एक सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में नाम जोड़ा जा रहा है। यही नहीं झारखंड के कई गांवों में मुसलमानों का जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। उसी तरह संकड़ों गांवों में जहां पर मुस्लिम नहीं है वहां पर मुस्लिम महिलाएं मंईयां सम्मान योजना का लाभ उठाया रही थी जो मीडिया में आया भी था।

 बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस इस देश में डेमोग्राफी बदलना चाहती है।

उन्होंने चुनाव आयोग से मांग किया है कि झारखंड में भी एक- एक वोट का सत्यापित होना चाहिए। वास्तव में वो यहाँ के लोग हैं क्या नहीं है, इससे साफ पता चल जाएगा। इससे यहां के लोगों का हक की मारी नहीं होगी।

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