शब्बीर अंसारी ने गोल इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की है या नहीं,विपिन सिंह यह बताएं : आलोक दूबे

30 जून को गोल इंस्टीट्यूट के मालिक विपिन सिंह पर एफआईआर दर्ज किया जाएगा

रांची। पासवा अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने रविवार को एक बयान जारी कर गोल इंस्टीट्यूट के संचालक विपिन कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भले ही विपिन सिंह ने आज एक अच्छी तकरीर दी हो, लेकिन उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि नीट 2025 में 79वीं रैंक लाने वाले शब्बीर अंसारी ने वास्तव में गोल इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की है या नहीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर शब्बीर अंसारी गोल में पढ़े होते, तो वह आज सम्मान समारोह में क्यों नहीं पहुंचे और बार-बार एम इंस्टिट्यूट का नाम वे क्यों ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुद विपिन सिंह ने यह स्वीकार किया है कि कोचिंग संस्थानों द्वारा बच्चों की रैंक को अपने संस्थान से जोड़ना गलत परंपरा रही है, और यही धोखाधड़ी गोल इंस्टीट्यूट ने की है और इसके लिए प्राथमिकी दर्ज होगी।
आलोक दूबे ने कहा कि मित्रता अपनी जगह है, लेकिन पासवा बच्चों के भविष्य को अपने खून-पसीने से संवारने का कार्य कर रही है, और वह किसी को भी इन मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दे सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि गोल इंस्टीट्यूट नाॅन-स्कूलिंग करवाने की प्रवृत्ति रखता है, अभिभावकों पर दबाव डालकर बच्चों को जबरन “गोल विलेज” नामक हॉस्टल में रखा जाता है और उन्हें स्कूल जाने नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीमित सीटें हैं और पूरे भारत की सीटें सिर्फ रांची और राजधानी के कोचिंग संस्थान ही भर देते हैं।

शोषण को बताया गुनाह
आलोक दूबे ने स्पष्ट कहा कि कोचिंग चलाना गुनाह नहीं है, लेकिन कोचिंग को व्यवसाय बनाकर झारखंड के आदिवासी, गरीब और भोले-भाले बच्चों का शोषण करना बड़ा गुनाह है और ऐसे संस्थानों को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

फिट जी पर भी उठाए सवाल
पासवा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि क्या यह सही नहीं है कि जनवरी 2025 में फिट जी संस्थान झारखंड के बच्चों का पैसा लेकर फरार हो गया था? इस मामले को लेकर राजधानी में अभिभावकों ने विरोध भी किया था और स्वयं उन्होंने सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। अब फिर वही फिटजी बड़े-बड़े विज्ञापन देकर गरीब बच्चों को सपने बेचने का कार्य कर रहा है।
सरकार से मांग – जल्द बने नियमावली*
आलोक दूबे ने कहा कि गोल इंस्टीट्यूट द्वारा बच्चों को गुमराह कर गलत आंकड़े प्रस्तुत करने के आरोप में सोमवार को वरीय आरक्षी अधीक्षक से मुलाकात कर विपिन सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार को चाहिए कि कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए जल्द से जल्द एक ठोस नियमावली बनाए। इसके लिए पासवा जल्द ही मुख्य सचिव से मुलाकात करेगा।

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