सुप्रीम कोर्ट में जेपीएसि-जेएसएससी मामले कि हुई सुनवाई, आयोग को नोटिस जारी
रांची : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र, झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी किए। यह नोटिस झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समय-सीमा के भीतर CBI जांच की मांग वाली याचिका पर जारी किया गया।
चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे, ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, JPSC और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर वकील मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि याचिका में या तो CBI जांच या सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व जज से जांच कराने की मांग की गई है।यह याचिका एक्टिविस्ट हरिशरण देवगन ने वकील सत्यम सिंह राजपूत के ज़रिए दायर की थी। इसमें JPSC के विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत 19 अप्रैल, 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के संचालन और विश्वसनीयता पर चिंता जताई गई है।याचिका में कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह रिट याचिका जनहित में दायर की जा रही है। इसमें इस कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। यह मांग झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2025 की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ी गंभीर और महत्वपूर्ण चिंताओं के संबंध में है। यह परीक्षा प्रतिवादी नंबर 2, झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत 19 अप्रैल, 2026 को आयोजित की गई थी।


