झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने हड़ताल पर जाने से फिलहाल रोक दिया है
रांची:झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने के फैसले को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ ने हाल ही में वित मंत्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और श्रम नियोजन मंत्री संजय प्रसाद यादव,नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, श्रम श्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त से मुलाकात कर अपनी बातों को रखने का काम किया गया है। इस मुलाकात में संघ ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और उचित कार्रवाई की मांग की।
श्री तिवारी ने कहा कि सभी मंत्रीगण और विभागीय अधिकारियों ने संघ को आश्वस्त किया है कि आपकी समस्याओं का समाधान जल्द ही किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद, संघ ने हड़ताल जैसे कदम उठाने से फिलहाल रोक दिया है। हलांकि, कुछ जिलों में हड़ताल की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए संघ ने निर्देश दिया है कि अभी हड़ताल ल नहीं की जाए।
उन्होंने आगे की रणनीति पर कहा कि यदि आने वाले दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो संघ
काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेगी,सभी उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय झारखण्ड सरकार का घेराव किया जाएगा। श्रम विभाग झारखण्ड सरकार का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें मानी नहीं गई तो अंतिम विकल्प के रूप में हड़ताल पर हमलोग चले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संघ आप सभी से अपील करती है कि अभी कोई भी जिला हड़ताल जै से कदम न उठाए और इमरजेंसी सेवाओं को बाधित न करें। हमें थोड़ा धैर्य रखना होगा और वार्तालाप के माध्यम
श्री तिवारी ने कहा कि हमलोगों की मांगों में से झारखंड सरकार एवं श्रम विभाग का न्यूनतम मानदेय पर भुगतान करने, सभी कर्मचारीयों को 60 से 62 वर्ष उम्र तक कि स्थाई नौकरी देने, सभी कर्मचारीयों को पूर्ववत श्रेणी एवं कुशल श्रेणी का वेतन भुगतान देने,सभी कर्मचारीयों को NHM से वेतन भुगतान देने,सभी कर्मचारीयों को NHM से स्थाईकरण करने,पूर्व कंपनी का बकाया वेतन एवं ग्रेच्युटी भुगतान, पुराने एम्बुलेंस को निरस्त कर नई एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना एवं पुराने एम्बुलेंस को मरमती कराना,ऑफ रोड़ एम्बुलेंस कर्मचारी को वेतन भुगतान करना ,फरवरी एवं मार्च माह में कटौती किए गए वेतन का भुगतान करना और
mEPF एवं ESIC एवं बीमा, ज्वाइनिंग लेटर उपलब्ध कराना है।



