पर्यटन स्थलों में मूल आवश्यकताओं की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश
खूंटी: उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में पर्यटन संवर्धन समिति की बैठक हुई। इसमें विशेष रूप से उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि, जिला पर्यटन पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे। बैठक के दौरान चर्चा के क्रम में ए, बी, सी, डी यथा अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य एवं स्थानीय स्तर के पर्यटन स्थलों की श्रेणियों के आधार पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि उलिहातु एवं डोंबरीबुरू को ए श्रेणी एवं उलुंग को बी श्रेणी में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा जाय।
इसके अलावा सभी पर्यटन स्थलों में मूल आवश्यकताओं, शौचालय व पेयजल आदि की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जाएगी। पर्यटन स्थलों के विकास से संबंधित तैयार किए गया कार्य योजना पर चर्चा की गई।
खूँटी जिला अन्तर्गत विभिन्न पर्यटक क्षेत्रों का विकास एवं रख-रखाव के संबंध में चर्चा की गई।
विभिन्न पर्यटक क्षेत्रों में साइनेज लगाने के संबंध में सभी सदस्यों के साथ चर्चा की। साथ ही नगर पंचायत के पदाधिकारी को अपने संबंधित क्षेत्र में साइनेज लगाने के निर्देश दिए। खूँटी जिला में पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उलीहातु एवं डोम्बारीबुरू में विकास के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
नये पर्यटन क्षेत्र को श्रेणी (D) में शामिल करने हेतु चर्चा की गई। इसमें
(1) पण्डापुंडिग
(2) सोसोकुटी डैम
(3) रंगरोडी
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया कि पर्यटन के विकास को लेकर उचित कार्य योजना के आधार पर कार्य हों
इस संबंध में विभाग को प्रस्ताव भेजने के संबंध में चर्चा हुई। आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन, खाने के व्यवस्था, बंदोबस्ती, साफ – सफाई/शौचालय व अन्य व्यवस्थाएं शामिल है।
साथ ही किए जा रहे कार्यों का पूर्ण आकलन करते हुए स्थलों को विकसित करने पर विशेष रूप से कार्य किए जाने है। इसके अतिरिक्त पंचघाघ, पेरवाघाघ, रीमिक्स फॉल, लतरातु, लटरजंग एवं उलुंग में विभिन्न व्यवस्था हेतु अग्रतर कार्य करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए गए।
मौके पर उपायुक्त द्वारा बताया गया कि खूंटी जिले में पर्यटन की अधिक संभावनाएं हैं। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई प्रयास किये जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पेरवाघाग, रीमिक्स फॉल, पंचघाघ, दसम फॉल, लटरजंग, पेलोल डैम आदि पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में उपायुक्त द्वारा पर्यटन स्थलों के प्रबंधन के संबंध में भी चर्चा की गई। सभी पर्यटन स्थलों में मूल आवश्यकताओं, शौचालय व पेयजल आदि की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सभी प्रकार के सम्भव प्रयास किये जाय, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के विकास व क्षेत्रीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।

