हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा ने निकाली रैली, अपनी मांगें रखी
साहिबगंज: हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को रैली निकाली. यह हटिया से शुरू होकर पश्चिमी फाटक, रेलवे स्टेशन, ग्रीन होटल, कॉलेज रोड, पूर्वी फाटक, पुलिस लाइन होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची और नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई. इसके बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम डीसी रामनिवास यादव को मांग पत्र सौंपा गया.
रैली का नेतृत्व कर रहे शिवचरण मालतो ने समाज की उपेक्षा का आरोपल गाया. उन्होंने कहा कि पहाड़िया संताल परगना में 302 ईसा पूर्व से रहते हैं. देश की रक्षा के लिए समय-समय पर अपनी कुर्बानी दी है, परंतु आजादी के बाद से इस समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि आदिम जनजाति पहाड़िया को मौलिक अधिकार और संवैधानिक अधिकारों से बेदखल किया जाता रहा है. जिले में वैध और अवैध खदान और क्रशर से राजमहल की पहाड़ियों पर बसे आदिम जनजाति खतरे में है. उन्होंने सभी वैध और अवैध खदानों व क्रशरों को बंद कराने की मांग की. प्रमुख मांगों में पेसा कानून 1996 को लागू करना, 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति व नियोजन नीति बनाना, मवड़ो भाषा को राजभाषा में शामिल करना, झारखंड आदिम जनजाति आयोग का गठन करना, झारखंड आदिम जनजातियों को उप जाति दर्शाते हुए आदिम जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निर्गत करना, झारखंड आदिम जनजाति प्राधिकरण का गठन करना, विशिष्ट पदाधिकारी, पहाड़िया कल्याण कार्यालय साहिबगंज, पाकुड़, दुमका में विशिष्ट पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय पर्यवेक्षक की बहाली करना आदि शामिल है.

