गैंगस्टर–पुलिस गठजोड़ की जांच एनआईए से कराई जाए : बाबूलाल मरांडी
गणादेश,रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के बीच गठजोड़ सत्ता की नाक के नीचे अपराध का जाल फैलाने का उदाहरण है। मरांडी ने इस पूरे प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की।
मरांडी ने आरोप लगाया कि अनुराग गुप्ता की नियुक्ति हेमंत सरकार ने “गिव एंड टेक फार्मूले” पर की थी। उनके अनुसार, सरकार को अवैध बालू, कोयला, पत्थर और शराब कारोबार को संचालित करने के लिए ऐसे अधिकारी की जरूरत थी जो इस नेटवर्क को संरक्षण दे सके। उन्होंने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट, जमीन दलाली और स्टोन चिप्स के ठेकों में हिस्सेदारी के लिए गुप्ता और सुजीत सिन्हा के बीच गहरा गठजोड़ था।
मरांडी ने दावा किया कि सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुले हैं। उसके फोन और चैट्स में अमन साहू के फर्जी एनकाउंटर, रंगदारी वसूली और पैसों के लेनदेन के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई नहीं की क्योंकि अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर सरकार के भीतर टकराव हुआ था।
मरांडी ने कहा कि यह मामला झारखंड में सत्ता संरक्षित अपराध, लूट और भ्रष्टाचार की जड़ें उजागर करता है। उन्होंने चुनौती दी कि मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो अनुराग गुप्ता के पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराएं। प्रेसवार्ता में शिवपूजन पाठक और अजय साह भी उपस्थित थे।



