सीएम हेमंत सोरेन के बयान पर पूर्व सीएम चंपई सोरेन के छलके आंसू, कहा — आंदोलनकारियों का अपमान बर्दाश्त नहीं
रांची : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव का प्रचार रविवार की शाम समाप्त हो गया। मतदान से ठीक पहले झारखंड की राजनीति में बड़ा उबाल तब आया जब पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला। चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन ने उन्हें ‘बैल’ कहकर संबोधित किया है, जो न सिर्फ एक वरिष्ठ नेता का अपमान है, बल्कि पूरे झारखंड आंदोलनकारियों का अपमान है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन कई लोगों के बलिदान और संघर्ष से बना है, और उन आंदोलनकारियों की गरिमा को ठेस पहुंचाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रेस वार्ता के दौरान चंपई सोरेन की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि वे झारखंड आंदोलन के दिनों से जनता की सेवा में लगे हैं, और अपने जीवन का हर पल राज्य के हित में समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का प्रयोग
प्रेस वार्ता के दौरान चंपई सोरेन की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि वे झारखंड आंदोलन के दिनों से जनता की सेवा में लगे हैं, और अपने जीवन का हर पल राज्य के हित में समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का प्रयोग करता है तो यह राजनीतिक शालीनता और परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे आंदोलनकारी समुदाय के आत्मसम्मान से जुड़ा है।
चंपई सोरेन ने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे इस अपमान का जवाब मतदान के माध्यम से दें और भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जीत दिलाएं। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर सही फैसला करेगी।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन इस बयानबाजी ने घाटशिला का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा दिया है। अब सबकी निगाहें मतदान के बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं कि क्या यह भावनात्मक मुद्दा चुनाव परिणाम को प्रभावित करेगा या नहीं। झारखंड की राजनीति में यह बयानबाजी आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।



