खूंटी में 1.80 करोड़ का डायवर्सन एक साल में बदहाल, बनई नदी पर नए पुल का इंतजार
खूंटी: खूंटी-तोरपा मुख्य मार्ग पर पेलोल स्थित बनई नदी पर टूटे पुल के बगल में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया डायवर्सन एक साल भी नहीं टिक पाया। पहली ही बरसात और नदी के तेज बहाव का असर डायवर्सन पर साफ दिखाई देने लगा है।

जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
डायवर्सन की जर्जर स्थिति के कारण खूंटी-तोरपा मार्ग पर यातायात प्रभावित होने लगा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि सावन-भादो में तेज बारिश हुई और बनई नदी का जलस्तर बढ़ा, तो डायवर्सन पर पानी का तेज बहाव हो सकता है और एक बार फिर इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो सकता है।
खासकर अमरेश्वर धाम मंदिर में चलने वाले एक महीने के श्रावणी मेले के दौरान इस मार्ग पर कांवरियों और शिवभक्तों की भारी भीड़ रहती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन भी होता है। ऐसे में जर्जर डायवर्सन किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद राम ने डायवर्सन निर्माण में घोर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं और इसके लिए संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि बनई नदी पर टूटे पुल की जगह नए पुल के निर्माण को लेकर भी अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण साबू ने बताया कि पेलोल स्थित बनई नदी पर पुल पिछले बरसात में टूट गया था। इसके बाद खूंटी-तोरपा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जिससे उन्हें काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। बरसात के दिनों में स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों को भी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था।
करीब तीन से चार महीने बाद 1.80 करोड़ रुपये की लागत से डायवर्सन का निर्माण कराया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। लेकिन एक साल पूरा होने से पहले ही डायवर्सन की स्थिति खराब हो गई। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और बारिश के दौरान इसके ऊपर से पानी बहने लगता है।
उप प्रमुख ने कहा कि इस वर्ष मानसून कमजोर रहने के कारण नदी में फिलहाल पानी कम है। अगर सावन-भादो में भारी बारिश हुई तो जर्जर डायवर्सन तेज बहाव का सामना नहीं कर पाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से बनई नदी पर स्थायी नए पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बाधित न हो।



