विलेज विजन एक्शन प्लान” तैयार करने के विषय पर डीडीसी ने की समीक्षा बैठक
गणादेश,खूँटी : समाहरणालय स्थित सभागार में “आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे “आदि सेवा केंद्र” के प्रभावी संचालन तथा “विलेज विजन एक्शन प्लान” तैयार करने के विषय पर परियोजना निदेशक आईटीडीए आलोक शिकारी कच्छप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी उपस्थित थे।
परियोजना निदेशक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में “आदि सेवा केंद्र” को संचालित करने के लिए आदि सहयोगी, आदि साथी एवं आदि प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इन सभी के समन्वित प्रयास से प्रत्येक “आदि ग्राम” के लिए बेहतर “विलेज विजन एक्शन प्लान” तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों एवं समस्याओं की पहचान करने पर बल दिया गया, ताकि आगामी पाँच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा–निर्देशों के आलोक में खूंटी जिले के अंतर्गत कुल 403 आदिवासी एवं आदिम जनजाति बहुल गांवों में “आदि सेवा केंद्र” स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को ग्राम प्रभारी, आदि सहयोगी, आदि साथी तथा विभिन्न CSO/NGO/SHG के सदस्यों से जोड़ा गया है, ताकि इनकी कार्यप्रणाली स्थानीय स्तर पर सशक्त एवं प्रभावी बन सके।
स्थापित “आदि सेवा केंद्र” में समयबद्ध रोस्टर के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएंगी। ये केंद्र न केवल ग्रामीणों और विभागीय कर्मियों के बीच सेतु का कार्य करेंगे, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने में भी अहम भूमिका निभाएँगे।



