चुनाव आयोग के समर्थन में उतरी भाजपा, कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप
रांची: भारत निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को भाजपा ने खारिज कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव आयोग के आधिकारिक संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत आयोग के प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में आयोग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 का मूल आदेश हो या एसआईआर के विभिन्न चरणों की समय-सारणी, सभी निर्णय आयोग की पूर्ण सहमति से लिए गए हैं। फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए साहू ने कहा कि एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा संबंधी प्रावधान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट है। गैर-एसआईआर अवधि में पूर्व निर्धारित नियमों के तहत फॉर्म लागू हैं और प्रक्रिया में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
साहू ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस से आरोपों के बजाय तथ्यों और आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण का सम्मान करने की अपील की।


