झारखंड के खनिज और राजस्व अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं, सदन से सड़क तक लड़ेंगे: डॉ. इरफान अंसारी
रांची : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill 2026) को झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के खनिज और वित्तीय अधिकारों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि 13 अगस्त 2026 का दिन झारखंड के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा झारखंड, आदिवासी और मूलवासी जनता के अधिकारों की दुश्मन है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन और खनिज संपदा राज्य की है, लेकिन अधिकारों को सीमित करने का फैसला दिल्ली से किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। खनन से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास, बुनियादी सुविधाओं और गरीब एवं कमजोर वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में राज्य के राजस्व अधिकारों को सीमित करने वाला कोई भी कदम झारखंड के हितों के खिलाफ होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार और कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ने पर सदन से सड़क तक और झारखंड से दिल्ली तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो जंतर-मंतर तक जाकर केंद्र सरकार के समक्ष झारखंड की जनता की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी।
डॉ. अंसारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड के खनिज एवं वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र के फैसले का मजबूती से विरोध करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड शांतिप्रिय जरूर है, लेकिन कमजोर नहीं। आदिवासी-मूलवासी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आखिरी दम तक संघर्ष जारी रहेगा।


