डीएसपीएमयू में फ्रेशर्स कार्यक्रम ‘ऑरेलिया’ का आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने बांधा समां
रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य विभाग में सत्र 2024–28 के नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत में फ्रेशर्स कार्यक्रम ‘ऑरेलिया’ (Aurelia) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, गायन और रैपिंग की आकर्षक प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कनक ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। अमृता ने शास्त्रीय नृत्य, जबकि अलीशा और साविका ने नागपुरी एवं बॉलीवुड नृत्य से दर्शकों का मनोरंजन किया। विकास, प्रिंस लोहरा और अरुणव ने गायन प्रस्तुत किया। वहीं, सुप्रिया और रानी ने नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। नंदिनी भगत, निष्ठा टोप्पो, अर्चना और जूही सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रदीप झा की रैपिंग ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का संचालन चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सत्या और द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा अमिशा उपाध्याय ने किया।
विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. विनय भरत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मां सरस्वती के हाथों में विद्यमान पुस्तक, जपमाला और वीणा को ज्ञान, ध्यान और गान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इन तीनों के बीच संतुलन जरूरी है। पढ़ाई से ज्ञान, योग एवं ध्यान से एकाग्रता और सांस्कृतिक गतिविधियों से रचनात्मकता का विकास होता है। फ्रेशर्स पार्टी, शिक्षक दिवस और युवा महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और निखारने का अवसर देते हैं।
डॉ. करिश्मा पारिजात ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नवागंतुक विद्यार्थियों को विभागीय परिवार से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। डॉ. रश्मि कुमारी ने पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास के महत्व पर जोर दिया। डॉ. सुप्रिया आनंद ने साहित्य और कला को संवेदनशीलता एवं रचनात्मकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
वहीं, मिस अदिति सिद्धांत ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की झिझक दूर कर आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। मिस रुचिका तस्कीन केरकेट्टा ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। मिस नीलिमा कुमारी ने आपसी सहयोग और उत्साह को सशक्त शैक्षणिक समुदाय की पहचान बताया।
कार्यक्रम की खास बात शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ गायन और नृत्य में हिस्सा लिया, जिससे शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों में आत्मीयता बढ़ी। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।


