जनादेश का हिसाब जनता को देना होगा, घोषणाओं से नहीं बदलेगा झारखंड का भविष्य :सुदेश महतो
बोकारो : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना जनता का अधिकार और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। लेकिन प्रदेश में आम जनता, मतदाताओं और उनके अधिकारों से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगने वाला मजबूत राजनीतिक स्वर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा लगता है कि सत्ता के साथ खड़े दलों के बीच जनता के हिस्से की आवाज लगातार कमजोर होती जा रही है।
बारी को-ऑपरेटिव सामुदायिक भवन में आयोजित मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि राजसत्ता किसी व्यक्ति, वर्ग या समूह की संपत्ति नहीं होती। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। इसलिए सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल्यांकन दावों और प्रचार से नहीं, बल्कि आम नागरिक को जमीन पर मिल रही सुविधाओं से होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति में पद और राजनीतिक संरक्षण को विकास का आधार मानने की प्रवृत्ति को बदलना होगा। अधिकारियों की कार्यक्षमता का आकलन उनकी राजनीतिक पहुंच से नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान, कामकाज की गुणवत्ता और जवाबदेही के आधार पर होना चाहिए।
सुदेश महतो ने कहा कि प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक गरीब और साधनहीन लोगों की सुनवाई आसान नहीं है। पैसे, पहुंच और प्रभाव रखने वालों की बात जल्दी सुने जाने की शिकायतें सामने आती हैं, जबकि सामान्य नागरिक को अपनी बात रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
लोकतंत्र में यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि व्यवस्था आखिर किसके लिए है?
उन्होंने सरकार से शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधे सवाल किए। कहा कि गांवों के स्कूलों में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति क्या है? स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नियमित बैठते हैं या नहीं? अस्पतालों में दवा, जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है या नहीं? इन सवालों का जवाब कागज पर नहीं, जमीन पर मिलना चाहिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड और सरकारी योजनाओं का प्रचार तभी सार्थक है, जब गरीब अस्पताल पहुंचे तो उसे डॉक्टर, दवा, जांच और समय पर इलाज मिले। कागज पर स्वास्थ्य कवरेज की राशि बताने से गरीब का इलाज सुनिश्चित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का मूल्यांकन विज्ञापनों से नहीं, जनता के वास्तविक अनुभव से होना चाहिए। सत्ता से सवाल पूछना लोकतंत्र का विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की अनिवार्य प्रक्रिया है।
सुदेश महतो ने कहा कि सरकार जनता पर एहसान नहीं करती। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और सत्ता का अर्थ अधिकार से ज्यादा जिम्मेदारी है।
*कार्यक्रम के दौरान समारोह में गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, डुमरी विधानसभा प्रभारी श्रीमती यशोदा देवी, अध्यक्ष सचिन महतो, संचालन नरेंद्र कुमार महतो, बेरमो विधानसभा प्रभारी काशीनाथ सिंह, केंद्रीय सचिव संतोष कुमार महतो, केंद्रीय सचिव नमन ठाकुर, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज़ खान, जेली महतो, अश्विनी महतो, संतोष कुमार महतो, करण महतो, दुर्गा चरण महतो और प्रदीप महतो की उपस्थिति में सैकड़ों युवाओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सदस्यता ग्रहण करने वालों में संदीप चौधरी, रोशन कुमार, हेमंत, विकास, विशाल, अविनाश कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, सोनू महतो, उत्तम मुखर्जी, पूर्व वार्ड पार्षद आलोक, उत्तम कुमार पांडे, शशि कुमार झा, सौरभ पटेल शामिल थे। इसके अलावा सैकड़ों युवा शामिल हुए। सभी को माला पहनाकर एवं बुके देकर स्वागत किया गया। सैकड़ों युवाओं एवं महिलाओं ने आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।


