निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव, कांग्रेस ने उठाई चुनावी पारदर्शिता की मांग
रांची: निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर कांग्रेस ने सोमवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत रांची स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता पुराना विधानसभा परिसर से जुलूस की शक्ल में निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर नारेबाजी की।
निर्वाचन कार्यालय पहुंचने के बाद जुलूस सभा में तब्दील हो गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
सभा को प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक रामेश्वर उरांव समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग संविधान और मतदाताओं के प्रति जवाबदेह संवैधानिक संस्था है। प्रदीप यादव ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब आयोग को जनता के सामने देना चाहिए।
भूपेंद्र मरावी ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। वहीं राजेश कच्छप ने मतदाता सूची को लोकतंत्र का बुनियादी दस्तावेज बताते हुए पारदर्शिता की मांग की।
कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्त के. रवि कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में SIR, मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा की मांग की गई।


